ओमानी पर्वतारोही नज़ीरा हार्थी की हिमस्खलन में मौत
ओमान की पर्वतारोही नज़ीरा हार्थी की पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर्वत पर हिमस्खलन में मौत हो गई। वह 10 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय टीम के साथ चढ़ाई कर रही थीं।
मुख्य बिंदु
AIओमान की पर्वतारोही नज़ीरा हार्थी की पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर्वत पर हिमस्खलन के कारण मौत हो गई। वह 10 पर्वतारोहियों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम का हिस्सा थीं, जो 8047 मीटर ऊंचे ब्रॉड पीक (दुनिया का बारहवां सबसे ऊंचा पर्वत) पर चढ़ाई कर रही थी।
नज़ीरा हार्थी ओमान के उत्तर पूर्वी क्षेत्र की अल-मुदैरिब गांव से थीं। उन्होंने सामाजिक विज्ञान में स्नातक और सुल्तान काबूस विश्वविद्यालय से भूगोल अध्ययन में मास्टर डिग्री ली थी। वह पहले भूगोल की शिक्षिका रहीं, फिर पाठ्यक्रम विकास और शिक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक पदों पर कार्य किया।
अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने तंजानिया के किलिमंजारो पर्वत पर 'ग्लोब' शैक्षिक कार्यक्रम के तहत छात्रों के एक समूह का नेतृत्व किया, जिसमें पर्यावरणीय आंकड़े जुटाए गए।
2019 में, वह एवरेस्ट (ऊंचाई 8800 मीटर से अधिक) फतह करने वाली पहली ओमानी महिला बनीं और वहां अपने मार्गदर्शक खालिद सियाबी का नाम लहराया। 2021 में, वह नेपाल में 6812 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंचने वाली पहली अरब महिला बनीं, हालांकि इससे पहले ऊंचाई की बीमारी के कारण उनका प्रयास अधूरा रह गया था। उन्होंने नेपाल के दुनिया के आठवें सबसे ऊंचे पर्वत और पाकिस्तान की 'किलर माउंटेन' कही जाने वाली चोटी पर भी चढ़ाई की थी।
पाकिस्तानी अधिकारियों और यात्रा आयोजक कंपनी के अनुसार, दो दिन पहले ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन के बाद उनका शव घटनास्थल के नीचे मिला।

