शोध: जीवन के पहले दो साल में कम चीनी से दिमाग को फायदा
एक नई वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, जीवन के पहले दो साल में बहुत कम चीनी लेने से आगे चलकर डिमेंशिया का खतरा कम हो सकता है।
मुख्य बिंदु
AIएक नई वैज्ञानिक अध्ययन में पाया गया है कि जीवन के पहले दो साल में बहुत कम मात्रा में चीनी लेने से आगे चलकर डिमेंशिया का खतरा कम हो सकता है। अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों ने बचपन में चीनी का सेवन सीमित किया, उनमें डिमेंशिया का खतरा 23% कम पाया गया।
यह अध्ययन हांगकांग विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने किया, जिसमें यूनाइटेड किंगडम के 'बायोबैंक प्रोजेक्ट' के तहत करीब 65,000 लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसका उद्देश्य जीवन के शुरुआती वर्षों में चीनी की खपत और आगे चलकर दिमागी सेहत के बीच संबंध को समझना था।
शोध टीम के सदस्य जियाचेन चेंग ने बताया कि नतीजे दिखाते हैं कि जीवन के बहुत शुरुआती दौर में चीनी की मात्रा सीमित करने से दिमागी सेहत पर दीर्घकालिक सकारात्मक असर हो सकता है। हालांकि, उन्होंने इस संबंध को पूरी तरह समझने के लिए और शोध की जरूरत बताई।
विशेषज्ञों ने कहा है कि यह अध्ययन शुरुआती पोषण के भविष्य की सेहत पर असर को लेकर अहम संकेत देता है, लेकिन यह साबित नहीं करता कि कम चीनी सीधे डिमेंशिया से बचाव करती है। उन्होंने दिमागी सेहत के लिए संतुलित और स्वस्थ आहार अपनाने पर जोर दिया।
