अमेरिकी अध्ययन: बच्चों में आंतों की सूजन से जुड़ी रसायन
अमेरिका में हुई एक नई रिसर्च के मुताबिक, स्थायी रसायनों के संपर्क से बच्चों में आंतों की सूजन का खतरा बढ़ सकता है।
मुख्य बिंदु
AIअमेरिका की 'ईकान' मेडिकल कॉलेज द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों का स्थायी रसायनों (PFAS) के संपर्क में आना, जीवन के शुरुआती वर्षों में आंतों की सूजन और पुरानी प्रतिरक्षा संबंधी बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकता है।
यह अध्ययन, जिसे 'अमरاض अलजिहाज़ अलहज़्मी वलकबद' (पाचन तंत्र और जिगर रोग) पत्रिका में प्रकाशित किया गया, बताता है कि नॉन-स्टिक बर्तनों और फास्ट फूड की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले ये रसायन शरीर में जमा हो जाते हैं और बच्चों के मल में सूजन के संकेतक 'कैलप्रोटेक्टिन' के स्तर को बढ़ा सकते हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार, 'कैलप्रोटेक्टिन' का बढ़ा स्तर जरूरी नहीं कि बच्चे को प्रतिरक्षा संबंधी आंतों की बीमारी हो, लेकिन यह भविष्य में सूजन की संभावना को बढ़ाता है, खासकर जब स्थायी रसायनों का संपर्क लगातार बना रहे।
स्थायी रसायनों से सतर्क रहने की जरूरत
अध्ययन में यह भी बताया गया कि ये रसायन पानी और गर्मी से बचाव वाले उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल होते हैं और रोजमर्रा की कई चीजों में पाए जाते हैं — जैसे फास्ट फूड की पैकिंग, नॉन-स्टिक बर्तन, डेंटल फ्लॉस, माइक्रोवेव ओवन के लिए खास कुकिंग बैग, कुछ कॉस्मेटिक्स, और दाग-धब्बे से बचाने वाले कालीन व फर्नीचर।
गौरतलब है कि स्थायी रसायन न तो पर्यावरण में आसानी से टूटते हैं और न ही इंसानी शरीर में, जिससे ये समय के साथ जमा होते जाते हैं और कई स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़े हैं। शोधकर्ताओं ने इनके संपर्क को कम करने की सलाह दी है।
