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रविवार, 2 अगस्त 2026 · रियाद
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जीवनशैली

माइग्रेन अटैक बढ़ाने वाले कारणों का डॉक्टर ने किया खुलासा

रूसी न्यूरोलॉजिस्ट ने बताया कि नींद की कमी, तनाव, तेज़ रोशनी और कुछ आदतें माइग्रेन के दौरे बढ़ा सकती हैं।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 2 मिनट का पठन
माइग्रेन से पीड़ित महिला का चित्र

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रूस की एक न्यूरोलॉजिस्ट ने चेतावनी दी है कि कुछ कारण माइग्रेन के दौरे की संभावना बढ़ा सकते हैं।

रूसी डॉक्टर इलमिरा जिंतदीनोवा ने कहा कि बहुत से लोग माइग्रेन के दौरे से जूझते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि उनकी जीवनशैली और आदतें ही इन सिरदर्दों को बढ़ावा दे सकती हैं। उन्होंने बताया कि नींद की कमी या बहुत अधिक सोना, भूख, कम पानी पीना, शारीरिक थकावट, तनाव, मौसम में बदलाव, तेज़ रोशनी, तेज़ आवाज़ और कुछ खाद्य पदार्थ—ये सभी माइग्रेन के प्रमुख कारण हैं।

डॉक्टर ने सलाह दी कि माइग्रेन के दौरे कम करने के लिए हर बार सिरदर्द का समय और स्थान नोट करें और यह पहचानें कि किस वजह से दौरा हुआ।

रूसी अखबार "लेंटा.रो" के मुताबिक, डॉक्टर ने बताया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, नियमित व्यायाम करके और बताए गए हर कारण से बचकर माइग्रेन के दौरे कम किए जा सकते हैं।

माइग्रेन या शिर:पीड़ा एक पुराना न्यूरोलॉजिकल रोग है, जिसमें सिर के एक तरफ़ तेज़ और धड़कता दर्द होता है। इसके साथ अक्सर मतली, रोशनी और आवाज़ के प्रति संवेदनशीलता भी होती है। इसके कारण आनुवंशिक, मस्तिष्क के रसायनों (जैसे सेरोटोनिन) में बदलाव, तनाव या कुछ खास खाद्य-पेय हो सकते हैं।

वहीं, एक हालिया अमेरिकी अध्ययन में पाया गया कि माइग्रेन के दौरे दो तरह के मौसम से जुड़े हो सकते हैं। पहला—ठंडी हवा की लहर या कम दबाव के साथ बारिश, जो सालभर कभी भी हो सकती है।

दूसरा है "बरमूडा हाई", यानी गर्मियों में अमेरिका के पूर्वी हिस्से में उच्च दबाव का मौसम। कुछ लोगों को कभी-कभी 'हाफ मून हेडेक' भी होता है, जिसमें सिरदर्द के साथ नजर में गड़बड़ी या मतली महसूस होती है।

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