हड्डियों के सभी ट्यूमर कैंसर नहीं, जल्दी पता चलने से इलाज आसान
डॉ. दिया हुसैन ने कहा कि हड्डियों के सभी ट्यूमर कैंसर नहीं होते और जल्दी पहचान से इलाज और स्वस्थ होने की संभावना बढ़ती है।
मुख्य बिंदु
AIरूमेटिज़्म, जोड़ और हड्डियों के रोगों के विशेषज्ञ डॉ. दिया हुसैन ने कहा है कि हड्डियों के सभी ट्यूमर कैंसर नहीं होते। उन्होंने बताया कि शुरुआती पहचान से इलाज और स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
उन्होंने चैनल 'अल-इख़बारिया' से बातचीत में बताया कि अधिकतर हड्डियों के ट्यूमर सौम्य होते हैं। डॉ. हुसैन के मुताबिक, लक्षणों के आधार पर ही यह तय नहीं किया जा सकता कि ट्यूमर सौम्य है या घातक, इसलिए मरीज को चिकित्सकीय जांच, शारीरिक परीक्षण, एक्स-रे और कभी-कभी बायोप्सी की जरूरत होती है।
डॉ. हुसैन ने बताया कि हड्डियों का कैंसर अपेक्षाकृत दुर्लभ है, लेकिन यह अन्य कैंसर की तुलना में युवाओं में अधिक देखा जाता है। उन्होंने कहा कि हड्डियों के कैंसर के लगभग 60 प्रकार हैं और इलाज ट्यूमर के प्रकार और स्थान पर निर्भर करता है।
उन्होंने बताया कि जिन लक्षणों पर डॉक्टर से मिलना चाहिए, उनमें हड्डी में लगातार कई हफ्तों तक दर्द रहना, दर्द का दवा से न ठीक होना, हड्डी के आसपास सूजन आना और चलने-फिरने में दिक्कत शामिल हैं। हालांकि, इन लक्षणों का मतलब यह नहीं कि मरीज को हड्डी का कैंसर ही है।
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