इन फलों और सब्ज़ियों को फ्रिज में साथ न रखें
डॉ. आंद्रेई दोरुखोव ने चेताया कि इथिलीन छोड़ने वाले फल जैसे सेब और केला, खीरा व गाजर जैसी संवेदनशील सब्ज़ियों के साथ न रखें, इससे वे जल्दी खराब हो सकते हैं।
मुख्य बिंदु
AIरूसी तकनीकी विश्वविद्यालय के अकार्बनिक रसायन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आंद्रेई दोरुखोव ने सलाह दी है कि इथिलीन गैस छोड़ने वाले फल और सब्ज़ियाँ, उन खाद्य पदार्थों से दूर रखें जो इस गैस के प्रति संवेदनशील हैं।
दोरुखोव के मुताबिक, इथिलीन एक प्राकृतिक पौध हार्मोन है, जिसे कई फल और सब्ज़ियाँ पकने के दौरान छोड़ती हैं। इससे पास रखे खाद्य पदार्थ जल्दी बूढ़े यानी खराब हो जाते हैं।
उन्होंने बताया कि सेब, एवोकाडो, केला, नाशपाती, खुबानी, आड़ू, आलूबुखारा और तरबूज इथिलीन के मुख्य स्रोत हैं, जबकि खीरा, ब्रोकोली, फूलगोभी, पत्तेदार सब्ज़ियाँ, आलू, गाजर और प्याज इस गैस के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं।
उन्होंने आगे कहा कि टमाटर भी इथिलीन छोड़ते हैं, और पकने के साथ इसकी मात्रा बढ़ती है। इथिलीन के संपर्क में आने पर खीरा जल्दी पीला पड़ जाता है और उसकी कठोरता कम हो जाती है। सेब को आलू के पास रखने से आलू की स्वाद गुणवत्ता घटती है और उसमें जल्दी अंकुर निकल आते हैं। गाजर को सेब के पास रखने से उसमें कड़वाहट आ सकती है।
उन्होंने सलाह दी कि इथिलीन छोड़ने वाले और संवेदनशील खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखें, ताकि उनकी ताजगी और गुणवत्ता बनी रहे। इसके लिए एयरटाइट डिब्बे या थैलियों का इस्तेमाल करें, फ्रिज का तापमान 0-4 डिग्री सेल्सियस और फ्रीज़र का तापमान -18 डिग्री सेल्सियस रखें, और नमी का स्तर नियंत्रित करें ताकि सूखी चीज़ें खराब न हों और कीड़े-मकोड़े न पनपें।
