अल अहली का विदेशी खिलाड़ियों के चयन में शांत रणनीति: अब्दुल्ला अल हनयान
ख्याति से दूर रहकर गुणवत्ता पर ध्यान देने को अल अहली की सफलता का राज बताते हैं अब्दुल्ला अल हनयान।
मुख्य बिंदु
AIखेल पत्रकार अब्दुल्ला अल हनयान ने खुलासा किया है कि अल अहली क्लब के विदेशी खिलाड़ियों के चयन में सफलता का राज गुणवत्ता पर ध्यान देना और चर्चित नामों से दूरी बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि बड़े सितारों और लोकप्रिय खिलाड़ियों के बजाय सही चयन ही क्लब की सफलता की वजह है।
अल हनयान ने 'अल अरबिया एफएम' से बातचीत में कहा कि अल अहली प्रबंधन के पास ऐसे खिलाड़ियों को चुनने का मौका है, जो टीम में वास्तविक योगदान दे सकें, न कि सिर्फ यूरोप में प्रसिद्ध नाम हों। उन्होंने बताया कि सऊदी लीग में पिछले वर्षों के कई अनुभवों से यह साबित हुआ है कि यूरोप में कम चर्चित खिलाड़ी भी यहां सफल रहे हैं।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि स्पोर्ट्स डायरेक्टर पेड्रो के काम की आलोचना का मतलब यह नहीं कि सारा काम खराब था। उन्होंने माना कि कोच माटियास याइसेले के जाने पर जो नाराजगी दिखी, वह जायज थी, क्योंकि अल अहली ने अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में बेहतर उपलब्धियां और स्थिरता हासिल की थी।
अल हनयान ने स्पष्ट किया कि कभी-कभी यूरोप के कुछ बड़े नामों को लाना कम महत्वाकांक्षा के साथ हो सकता है, जिससे नई समस्याएं और वास्तविक बाजार मूल्य से अधिक लागत आती है। उन्होंने कहा कि समाधान अच्छी चयन प्रक्रिया से शुरू होता है और कुछ खिलाड़ियों के साथ अनुबंध न करने में ही है।
उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों की लोकप्रियता कभी-कभी अनुबंध का अपवाद हो सकती है, जैसे क्रिस्टियानो रोनाल्डो, लियोनेल मेसी या किलियन एमबाप्पे के मामले में, लेकिन सिर्फ प्रसिद्धि के आधार पर अन्य खिलाड़ियों को लाना उचित नहीं है।
अल हनयान ने चयन समिति की कुछ पसंदों की आलोचना करते हुए कहा कि 2023 से समिति द्वारा चुने गए कुछ नामों पर सवाल उठते हैं। उन्होंने जोर दिया कि असली समस्या चयन की गुणवत्ता में है और जरूरी है कि चयन स्तर को क्लब की खेल परियोजना के अनुरूप ऊंचा किया जाए।
