फवाज़ शरीफ बोले: अगर मैं अल-अहली का कोच होता तो हिलाल के खिलाफ डिफेंस मजबूत करता
खेल विश्लेषक फवाज़ शरीफ ने कहा कि अल-अहली को हिलाल की आक्रामकता से निपटने के लिए अलग रणनीति अपनानी चाहिए थी।
मुख्य बिंदु
AIखेल विश्लेषक फवाज़ शरीफ का मानना है कि अल-अहली को हिलाल की आक्रामक ताकत से निपटने के लिए अलग ढंग से खेलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अगर वे टीम के कोच होते तो मिडफील्ड और विंग्स पर जगहें बंद कर प्रतिद्वंद्वी की खतरनाक चालों को रोकते।
शरीफ ने 'अरबिया एफएम' से बातचीत में कहा, "अगर मैं अल-अहली का कोच होता तो फुलबैक खिलाड़ियों को सीमित करता और हिलाल की आक्रामकता के सामने मिडफील्ड को बंद कर देता।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'अल-जईम' (हिलाल) के प्रमुख खिलाड़ियों को रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए थी।
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शरीफ ने अल-अहली में कुछ खिलाड़ियों के चयन की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे कुछ खिलाड़ियों के कोच से निजी संबंध हैं। उन्होंने जोर दिया कि क्लब का हक है कि उसके सभी खिलाड़ी मैदान पर अपनी पूरी ताकत झोंकें।
गौरतलब है कि मंगलवार को सऊदी प्रो लीग फुटबॉल के मुकाबले में हिलाल ने अल-अहली को 3-0 से हराया। इस मैच में इंग्लैंड के स्ट्राइकर ओली वॉटकिंस ने अपने पहले ही मैच में गोल किया।
