सऊदी अरब में घर खरीदने की संस्कृति बदली, फ्लैट की मांग बढ़ी
सऊदी अरब में मकान खरीदने की परंपरागत सोच बदल रही है—लोग अब 'आजीवन घर' की जगह फ्लैट और अस्थायी आवास को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी अरब में घर खरीदने की संस्कृति में बदलाव देखा जा रहा है। अब कई खरीदार 'आजीवन घर' के बजाय फ्लैट और अस्थायी आवास को तरजीह दे रहे हैं। इसकी वजह है फाइनेंसिंग की लागत में बढ़ोतरी, ब्याज दरों में बदलाव, आर्थिक क्षमता में अंतर और विला तथा फ्लैट की कीमतों में बढ़ता फासला।
रियल एस्टेट मामलों के जानकार मतर अल-शमरी ने चैनल 'अल-इखबारिया' को दिए टीवी बयान में कहा कि इन बदलावों ने लोगों के घर खरीदने के नजरिए को प्रभावित किया है। अब कई लोग फ्लैट को अस्थायी विकल्प मानकर खरीद रहे हैं, न कि अंतिम मकान के तौर पर।
यह रुझान आवासीय रियल एस्टेट फाइनेंसिंग के आंकड़ों में भी दिखता है। फ्लैट खरीदने के लिए फाइनेंसिंग का कुल आकार 169.5 अरब सऊदी रियाल तक पहुंच गया है, जो पिछले आठ वर्षों में पांच गुना बढ़ोतरी है।
यह बदलाव घर खरीदने की सोच के साथ-साथ बैंकों और रियल एस्टेट फाइनेंस कंपनियों द्वारा पेश किए जा रहे विविध फाइनेंसिंग उत्पादों से भी जुड़ा है, जो परिवारों की जरूरतों को पूरा करते हैं।
अल-शमरी ने बताया कि फाइनेंसिंग की लागत, ब्याज दरों में बदलाव, आर्थिक क्षमता और विला-फ्लैट की कीमतों में बढ़ता अंतर, ये सभी कारण घर खरीदने की संस्कृति में बदलाव के लिए जिम्मेदार हैं।
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अब लोग मकान खरीदने को अंतिम फैसला नहीं मानते, बल्कि फ्लैट और अस्थायी आवास को प्राथमिकता देते हैं, जैसा कि अल-शमरी ने बताया।
आवासीय रियल एस्टेट फाइनेंसिंग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि फ्लैट खरीदने के लिए फाइनेंसिंग 169.5 अरब सऊदी रियाल तक पहुंच गई है, जो आठ साल में पांच गुना बढ़ी है।
यह बदलाव बैंकों और रियल एस्टेट फाइनेंस कंपनियों द्वारा पेश किए जा रहे विविध फाइनेंसिंग उत्पादों के साथ आया है, जो परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हैं।
