सऊदी और खाड़ी देश ईरान की क्षेत्रीय संघर्ष की कोशिशों से सतर्क
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. फिरात अल-बस्साम ने कहा कि सऊदी और खाड़ी देश ईरान की युद्ध फैलाने की कोशिशों को भली-भांति समझते हैं।
मुख्य बिंदु
AIराजनीतिक विश्लेषक डॉ. फिरात अल-बस्साम ने कहा कि सऊदी अरब और खाड़ी सहयोग परिषद के देश ईरान और रिवोल्यूशनरी गार्ड की क्षेत्र में युद्ध फैलाने की कोशिशों को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सऊदी अरब के नेतृत्व में खाड़ी देश इस रास्ते पर नहीं बढ़ते, बल्कि क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा, आर्थिक मजबूती और ऊर्जा स्रोतों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं।
अल-बस्साम ने चैनल 'अल-इख़बारिया' से बातचीत में कहा कि ईरान कई मोर्चों पर युद्ध फैलाने की कोशिश कर रहा है—जॉर्डन और खाड़ी देशों को निशाना बनाकर, साथ ही यमन और उत्तरी इराक में भी। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय देश अब रिवोल्यूशनरी गार्ड की मंशा को समझ चुके हैं और उसकी गतिविधियों को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युद्ध के असर सिर्फ क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने दक्षिण कोरिया के उस ऐलान का हवाला दिया जिसमें उसने होर्मुज जलडमरूमध्य और अन्य समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए नौसैनिक बल भेजने की बात कही है, ताकि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही आसान हो सके। उन्होंने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा और उसकी कीमतों में स्थिरता बनाए रखने की अहमियत भी रेखांकित की।
