सऊदी नेतृत्व में समुद्री गठबंधन से क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा की नई परिभाषा
राजनीतिक विश्लेषक हसन अल-शहरी ने कहा, सऊदी नेतृत्व में समुद्री गठबंधन क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा की परिभाषा बदलने की रणनीतिक पहल है।
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राजनीतिक विश्लेषक हसन अल-शहरी का कहना है कि सऊदी अरब के नेतृत्व में बना समुद्री गठबंधन क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा की परिभाषा को फिर से गढ़ने की एक रणनीतिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन केवल राष्ट्रीय हितों की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था की सुरक्षा में भी योगदान देता है।
अल-शहरी ने चैनल "अल-इखबारिया" से बातचीत में कहा कि इस गठबंधन की स्थापना राष्ट्रीय हितों की रक्षा से आगे बढ़कर वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुरक्षा में भागीदारी का संकेत है, खासकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की रणनीतिक अहमियत को देखते हुए।
उन्होंने बताया कि लाल सागर और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य विश्व व्यापार के सबसे अहम मार्गों में हैं और इनकी सुरक्षा सीधे तौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि सऊदी अरब इस महत्व को अच्छी तरह समझता है।
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उन्होंने आगे कहा कि यह गठबंधन साझा समुद्री खतरों और चुनौतियों के जवाब में बना है और इसमें शामिल देशों की यह साझा समझ है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए समन्वय और सहयोग जरूरी है।
अल-शहरी ने जोर देकर कहा कि यह गठबंधन पूरी तरह रक्षात्मक है, इसका मकसद किसी देश, संगठन या गठबंधन को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों और उद्देश्यों के अनुरूप काम करता है।
