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सोमवार, 31 अगस्त 2026 · रियाद
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सऊदी अरब

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से सेवाओं की विश्वसनीयता और सुरक्षा बढ़ी: गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय के तकनीकी मामलों के सहायक मंत्री ने कहा कि मंत्रालय ने आधुनिक तकनीक और एआई का इस्तेमाल कर नागरिकों व निवासियों को सुरक्षित और भरोसेमंद सेवाएँ दी हैं।

अजेल हिंदी52 मिनट पहले · 2 मिनट का पठन
गृह मंत्रालय के तकनीकी मंत्री रियाद सम्मेलन में

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गृह मंत्रालय के तकनीकी मामलों के सहायक मंत्री, इंजीनियर थामर बिन मोहम्मद अल-हरबी ने कहा है कि मंत्रालय ने आधुनिक तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग इंसान की सुरक्षा और सेवा के लिए किया है, जिससे सेवाएँ अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित बनी हैं। उन्होंने बताया कि तकनीकी सहयोग और संसाधनों ने मंत्रालय को नागरिकों, निवासियों और आगंतुकों के लिए सुरक्षा और मानवता से जुड़ी सेवाएँ देने में एक मिसाल बना दिया है, साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा और इमारतों, सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर सुरक्षा को भी मजबूत किया है।

यह बात उन्होंने रियाद में आयोजित 'लीप 2026' सम्मेलन और प्रदर्शनी में गृह मंत्रालय के पवेलियन के उद्घाटन के दौरान कही, जिसका विषय था 'सुरक्षित देश के लिए तकनीकी समाधान'। अल-हरबी ने बताया कि तकनीक के विकास और समाज की बदलती अपेक्षाओं के बावजूद मंत्रालय की मुख्य जिम्मेदारी इंसान की सुरक्षा, भरोसा बढ़ाने और सेवा देने वालों को सशक्त बनाना ही है।

डिजिटल पहचान और 'नफाज़' प्लेटफॉर्म की उपलब्धियाँ

अल-हरबी ने बताया कि डिजिटल भरोसा, डिजिटल सेवाओं की नींव है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डिजिटल पहचान 'नफाज़', जिसे नेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर के साथ मिलकर विकसित किया गया है, अब राष्ट्रीय डिजिटल क्षमताओं के निर्माण की आधारशिला बन गई है। 'नफाज़' से 32 मिलियन से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं, 6.5 अरब से ज्यादा लेन-देन पूरे हो चुके हैं और यह 1,245 से अधिक प्लेटफॉर्म और ऐप से जुड़ा है।

मिदान सुविधाएँ और स्मार्ट एजेंट्स

अल-हरबी ने कहा कि मंत्रालय केवल एक तकनीकी प्रणाली बनाने का लक्ष्य नहीं रखता, बल्कि ऐसी संस्थागत क्षमताएँ विकसित करना चाहता है जो तकनीकी बदलावों के साथ जिम्मेदारी और सुरक्षा के साथ तालमेल बिठा सकें। उन्होंने बताया कि 'मिदान सुविधाएँ' घटनाओं की प्रकृति समझने, जानकारी जुटाने, प्राथमिकता तय करने और विशेषज्ञ क्षमताओं के समन्वय के लिए काम करती हैं। इसमें स्मार्ट एजेंट्स (Agentic Orchestration) के जरिए मानव हितों की सेवा की जाती है।

अबशर ओपन के जरिए सेवाओं का एकीकरण

अल-हरबी ने बाहरी साझेदारों के साथ सहयोग की अहमियत पर जोर दिया ताकि कई संस्थागत सीमाओं के पार लक्ष्यों को हासिल किया जा सके। उन्होंने 'अबशर ओपन' सेवाओं की भूमिका को रेखांकित किया, जो खुले और इंटरऑपरेबल डिजाइन के जरिए आवश्यक गवर्नेंस फ्रेमवर्क मुहैया कराती हैं, जिससे विभिन्न एजेंसियों के बीच सेवाओं का समन्वय संभव होता है।

अबशर सुविधाएँ और डिजिटल संवाद में बदलाव

अल-हरबी ने बताया कि अबशर सुविधाएँ सरकारी सेवाओं के साथ संवाद का एक बिल्कुल नया मॉडल पेश करती हैं। इसके लॉन्च के बाद से 3.3 मिलियन से अधिक संवाद हुए हैं और 348,000 से ज्यादा वास्तविक लेन-देन पूरे हुए हैं, जिनकी सफलता दर 96% रही है। यह सब संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और डिजिटल गवर्नमेंट अथॉरिटी के सहयोग से संभव हुआ है।

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