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सोमवार, 21 सितंबर 2026 · रियाद
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सऊदी अरब

इस्लामी गठबंधन और ब्रिटेन की साझेदारी में आतंकवाद की फंडिंग पर भी फोकस

राजनीतिक विश्लेषक डॉ. अब्दुल्ला क़हतानी ने कहा कि इस्लामी गठबंधन और ब्रिटेन की साझेदारी में आतंकवाद की फंडिंग रोकने और तकनीकी व सैन्य सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर है।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 1 मिनट का पठन
इस्लामी गठबंधन और ब्रिटेन के अधिकारी बैठक में

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राजनीतिक विश्लेषक डॉ. अब्दुल्ला क़हतानी ने कहा कि इस्लामी गठबंधन और ब्रिटेन की साझेदारी का मकसद कट्टरता का मुकाबला करना है, जिसमें आतंकवाद की फंडिंग रोकना और तकनीकी व सैन्य सहयोग को बढ़ाना शामिल है।

क़हतानी ने "इख़बारिया रेडियो" पर बताया कि यह कदम इस्लामी सैन्य गठबंधन और ब्रिटेन के बीच रणनीतिक सहयोग के तहत उठाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ समन्वित प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में है।

उन्होंने बताया कि यह गठबंधन सऊदी अरब की पहल पर बना था, जिसमें 43 देश शामिल हैं और इसका मुख्यालय रियाद में है। ब्रिटेन के साथ यह रणनीतिक साझेदारी संस्थागत ढांचे के तहत आतंकवाद से लड़ने और नई रणनीतिक योजनाओं के निर्माण के लिए की गई है।

क़हतानी ने आगे कहा कि हाल ही में एक ब्रिटिश विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल की रियाद यात्रा के साथ इस साझेदारी में नया कदम उठाया गया है। दोनों पक्ष अब संयुक्त कार्यक्रमों और पहलों पर काम कर रहे हैं, जिनका उद्देश्य प्रशिक्षण, जागरूकता और क्षमता निर्माण की नई व्यवस्थाएँ विकसित करना है। साथ ही, वैज्ञानिक शोध को समर्थन देना और आतंकवाद व कट्टरता के मुद्दों पर केंद्रित थिंक टैंक और अध्ययन केंद्रों को प्रोत्साहित करना भी इसमें शामिल है।

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