अर्दोआन ने क्षेत्रीय स्थिरता में मक्का रक्षा गठबंधन की अहमियत बताई
तुर्की राष्ट्रपति ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के मक्का रक्षा समझौते को क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए अहम बताया।
मुख्य बिंदु
AIतुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन ने कहा है कि तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुआ मक्का रक्षा गठबंधन क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और स्थिरता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
अर्दोआन ने यह बात मंगलवार को किर्गिज़िस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्वामित्व और सामूहिक प्रतिरोध पर आधारित यह गठबंधन क्षेत्र और दुनिया की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
मक्का समझौते की रणनीतिक राजनीतिक और रक्षा समिति के सोमवार को जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि तीनों देश संयुक्त गतिविधियों, रक्षा उद्योगों के विकास, उत्पादन और आधुनिक तकनीकों के जरिए अपने सशस्त्र बलों की एकजुटता बढ़ाएंगे।
क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता
मक्का समझौते की रणनीतिक राजनीतिक और रक्षा समिति की पहली बैठक के बाद जारी अंतिम बयान में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इसी संदर्भ में, तीनों देशों ने तनाव कम करने और संयम बरतने के प्रयासों को समर्थन देने की अहमियत पर ज़ोर दिया, ताकि क्षेत्रीय जिम्मेदारियों के तहत संकटों का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके।
संयुक्त रक्षा समझौता और उसके सिद्धांत
गौरतलब है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 7 अगस्त को मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
इस समझौते का उद्देश्य रक्षा सहयोग को बढ़ाना और शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करना है, जो बोझ साझा करने और सुरक्षा की साझा समझ के सिद्धांत पर आधारित है। समझौते के तहत, किसी भी सदस्य देश पर सशस्त्र हमला सभी पक्षों पर हमला माना जाएगा और सामूहिक प्रतिरोध किया जाएगा।
