न्याय मंत्रालय ने लीप 2026 में AI और सेवाओं के विकास को पेश किया
न्याय मंत्रालय 'लीप 2026' सम्मेलन में अपनी सेवाओं के डिजिटलीकरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से जुड़े अनुभव और समाधान प्रस्तुत कर रहा है।
मुख्य बिंदु
AIन्याय मंत्रालय 'लीप 2026' सम्मेलन में भाग ले रहा है, जहाँ वह अपनी सेवाओं के विकास और उन्हें लाभार्थी के नजरिए से फिर से डिज़ाइन करने के लिए किए गए प्रयासों और समाधानों को पेश कर रहा है। मंत्रालय डेटा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर न्यायिक कार्यों को बेहतर बनाने पर जोर दे रहा है।
मंत्रालय का स्टॉल 'अधिकारों की सुरक्षा प्रणाली' की अवधारणा को प्रस्तुत करता है, जो चार मुख्य स्तंभों—रोकथाम, स्पष्टता, गुणवत्ता और क्रियान्वयन—पर आधारित है। इसमें विवाद की स्थिति उत्पन्न होने से पहले अधिकारों की सुरक्षा, लाभार्थी के अनुभव को बेहतर बनाना, कार्य की गुणवत्ता बढ़ाना और सहायक पेशेवरों व विशेषज्ञता को सशक्त बनाना शामिल है।
मंत्रालय की यह भागीदारी डिजिटल परिवर्तन की यात्रा का हिस्सा है, जिसमें संस्थागत परिपक्वता, तकनीक और डेटा के इस्तेमाल के जरिए सेवाओं के विकास और न्यायिक परिणामों की गुणवत्ता को मजबूत किया जा रहा है।
