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सोमवार, 5 अक्तूबर 2026 · रियाद
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सऊदी अरब

पाकिस्तान और तुर्की ने सऊदी सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमता की सराहना की

पाकिस्तान और तुर्की ने सऊदी सशस्त्र बलों की सतर्कता और पेशेवर दक्षता की तारीफ की, जो उन्होंने देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में दिखाई।

अजेल हिंदी50 मिनट पहले · 2 मिनट का पठन
सऊदी, पाकिस्तान और तुर्की के रक्षा अधिकारियों की बैठक

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पाकिस्तान और तुर्की ने सऊदी सशस्त्र बलों की सतर्कता, तत्परता और पेशेवर दक्षता की सराहना की, जो उन्होंने देश को मिलने वाले खतरों और हमलों का सामना करने तथा सऊदी अरब की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में दिखाई। यह प्रशंसा रियाद में हुए मक्का रक्षा गठबंधन की रणनीतिक, राजनीतिक और रक्षा समिति की आपात बैठक के दौरान व्यक्त की गई।

सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने आज रियाद में एक आपात बैठक की, जिसमें सऊदी अरब को दरपेश सुरक्षा चुनौतियों और खतरों पर चर्चा की गई। यह बैठक 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के तहत आयोजित की गई थी।

तीनों देशों ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने की कोशिशों की कड़ी निंदा की, साथ ही सऊदी अरब के शहरों और नागरिक तथा आर्थिक प्रतिष्ठानों पर लगातार हो रहे हमलों की भी भर्त्सना की। उन्होंने सऊदी अरब की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किसी भी हमले या खतरे को पूरी तरह अस्वीकार करने की पुष्टि की।

गठबंधन के संस्थागत ढांचे के तहत, समिति ने पाकिस्तान के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल नुमान महमूद को मक्का रक्षा गठबंधन का पहला महासचिव तीन साल के लिए नियुक्त करने का फैसला किया। सदस्य देशों ने उनके चयन का स्वागत किया और विश्वास जताया कि वे गठबंधन के विकास और लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान देंगे।

समिति ने बैठक से पहले हुई राजनीतिक और सैन्य सलाह-मशविरे के नतीजों की समीक्षा की और प्रस्तुत सिफारिशों को मंजूरी दी। समिति ने जोर दिया कि मक्का रक्षा गठबंधन साझा रक्षा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता और खतरों का सामना करने में एकजुट रुख का प्रतीक है।

समिति ने संयुक्त रक्षा दायित्वों के तत्काल व्यावहारिक क्रियान्वयन और सहमत सैन्य बलों व क्षमताओं की तैनाती के लिए आवश्यक कदम उठाने का फैसला किया। यह तैनाती सऊदी अरब में तय व्यवस्थाओं और सदस्य देशों के राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप होगी, जिससे सैन्य तत्परता, समन्वय और सामूहिक रक्षा क्षमता को मजबूती मिलेगी।

सदस्य देशों ने दोहराया कि प्रत्येक सदस्य देश की सुरक्षा, तीनों देशों की सामूहिक सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' को व्यावहारिक रूप देना, प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और तीनों देशों की एकता तथा अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के संकल्प को दर्शाता है।


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