डॉ. खालिद रहीमी अस्पताल में 2.5 किलो का जटिल थायरॉयड ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला गया
डॉ. खालिद रहीमी अस्पताल के चिकित्सकों ने 65 वर्षीय मरीज के विशाल थायरॉयड ट्यूमर को जटिल सर्जरी के जरिए सफलतापूर्वक हटाया।
मुख्य बिंदु
AIडॉ. खालिद रहीमी अस्पताल के चिकित्सा दल ने 65 वर्षीय मरीज की थायरॉयड ग्रंथि में हुए असाधारण रूप से बड़े ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाने के लिए जटिल और सूक्ष्म सर्जरी की। यह मामला अपनी जटिलता के कारण उच्च जोखिम वाली सर्जरी के रूप में दर्ज किया गया, क्योंकि ग्रंथि का आकार असाधारण था और वह छाती की गहराई तक फैली हुई थी।
मरीज की थायरॉयड ग्रंथि में अत्यधिक वृद्धि हो गई थी, जिसका वजन लगभग 2.5 किलोग्राम था। यह ग्रंथि छाती की हड्डी के पीछे तक फैल गई थी, जिससे श्वासनली और आसपास के महत्वपूर्ण अंगों पर दबाव पड़ रहा था। इसके कारण मरीज को सांस लेने में गंभीर दिक्कतें और अन्य जटिलताएँ हो रही थीं, जिससे तत्काल और सटीक सर्जरी की आवश्यकता पड़ी।
मामले की पूरी तरह से जांच और सभी चिकित्सकीय परीक्षणों की समीक्षा के बाद, चिकित्सा टीम ने बहु-विशेषज्ञ योजना के तहत सर्जरी करने का निर्णय लिया, ताकि ट्यूमर को पूरी तरह हटाया जा सके और आसपास के महत्वपूर्ण अंगों और ऊतकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह ऑपरेशन डॉ. खालिद रहीमी अस्पताल के जनरल सर्जरी विशेषज्ञों की टीम ने, चिकित्सा मामलों के निदेशक और सलाहकार डॉ. खालिद रहीमी की देखरेख में किया।
टीम ने लगभग तीन घंटे में, ट्यूमर को पूरी तरह से निकालने में सफलता पाई, जबकि उसका आकार बहुत बड़ा था और वह छाती के भीतर तक फैला था। खास बात यह रही कि इसके लिए छाती की हड्डी को काटने या खोलने की जरूरत नहीं पड़ी, जो ऐसी जटिल सर्जरी में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
साथ ही, टीम ने स्वरयंत्र की नसों की सुरक्षा सुनिश्चित की, जो आवाज की डोरियों के लिए जिम्मेदार होती हैं, और रक्त वाहिकाओं या अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं को नुकसान नहीं पहुँचने दिया। इससे मरीज को आवाज, सांस या जीवन की गुणवत्ता से जुड़ी जटिलताओं से बचाया जा सका।
अस्पताल ने बताया कि इस सर्जरी की सफलता चिकित्सा और शल्य चिकित्सा में टीम की दक्षता और जटिल व दुर्लभ मामलों को संभालने की उनकी क्षमता को दर्शाती है। इसमें मानव विशेषज्ञता, आधुनिक तकनीक और सटीक क्लिनिकल योजना का समन्वय शामिल है, जो गुणवत्ता और मरीज की सुरक्षा के मानकों के अनुरूप है।
अस्पताल ने यह भी कहा कि ऐसी सर्जरी केवल एक सफल ऑपरेशन नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, अनुभव और उपलब्ध संसाधनों पर आधारित चिकित्सा निर्णय की अहमियत को भी दर्शाती है। साथ ही, अस्पताल ने मरीज की सुरक्षा और बेहतर इलाज को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
अस्पताल ने इस उपलब्धि को अपनी चिकित्सा टीम की दक्षता और अनुभव का प्रमाण बताया, जिसने जटिल मामलों को उत्कृष्ट इलाज में बदलने की क्षमता दिखाई है। इससे सऊदी अरब में उन्नत स्वास्थ्य देखभाल मानकों को और मजबूती मिली है।
