सऊदी दवायन अल-मज़ालिम ने एआई गवर्नेंस ढाँचा मंज़ूर किया
दवायन अल-मज़ालिम के प्रमुख डॉ. अली बिन अहमद अल-अहैदब ने एआई के इस्तेमाल के लिए गवर्नेंस ढाँचा मंज़ूर किया।
मुख्य बिंदु
AIदवायन अल-मज़ालिम के प्रमुख और प्रशासनिक न्याय परिषद के अध्यक्ष डॉ. अली बिन अहमद अल-अहैदब ने दवायन अल-मज़ालिम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम के इस्तेमाल के लिए गवर्नेंस ढाँचा मंज़ूर किया है।
दवायन अल-मज़ालिम के आधिकारिक "एक्स" अकाउंट पर जारी बयान के मुताबिक, यह फैसला रियाद में आयोजित यूनेस्को के चौथे वैश्विक एआई एथिक्स फोरम के साथ लिया गया है। इस ढाँचे का मकसद न्यायिक और प्रशासनिक कार्यों तथा दवायन की डिजिटल प्लेटफार्मों में एआई सिस्टम के इस्तेमाल को व्यवस्थित करना, इनके जिम्मेदार और सुरक्षित इस्तेमाल की गारंटी देना, डेटा और सूचनाओं की सुरक्षा करना और राष्ट्रीय नियमों व नीतियों के पालन को बढ़ावा देना है।
डॉ. अल-अहैदब ने कहा कि सऊदी अरब में एआई की नैतिकताएँ अब केवल सैद्धांतिक नहीं रहीं, बल्कि वे राष्ट्रीय गवर्नेंस प्रणाली का अहम हिस्सा बन गई हैं। उन्होंने बताया कि दवायन इन सिद्धांतों का निवेश कर रहा है और अपने कर्मचारियों को न्यायिक व प्रशासनिक क्षेत्रों में इनका लाभ उठाने के लिए सक्षम बना रहा है, खासकर 2026 के एआई वर्ष के तहत और दवायन अल-मज़ालिम 2030 की रणनीति के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए।
गौरतलब है कि दवायन अल-मज़ालिम ने पिछले मार्च में एआई सिस्टम के इस्तेमाल के सिद्धांतों से जुड़ी एक दस्तावेज़ जारी किया था, जिसका उद्देश्य इन सिस्टमों के निर्माण और इस्तेमाल को व्यवस्थित करना और उनसे संबंधित नियम व नैतिकताएँ तय करना था।
नया गवर्नेंस ढाँचा विशेषज्ञ संस्थाओं द्वारा जारी ढाँचों और नीतियों के साथ-साथ दवायन की आंतरिक नीतियों और नियमों पर आधारित है। इसमें दवायन के डिजिटल न्यायिक सेवा केंद्र के एआई और उभरती तकनीकों के कार्यालय द्वारा समीक्षा और अद्यतन की व्यवस्था भी शामिल है, ताकि इस क्षेत्र में तेज़ी से हो रहे बदलावों के साथ कदम मिलाया जा सके और जिम्मेदार इस्तेमाल के सिद्धांतों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
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