रबदा: सऊदी अरब में टिकाऊ शिकार के लिए नई पर्यटन स्थल
इमाम तुर्की बिन अब्दुल्ला संरक्षित क्षेत्र प्राधिकरण ने 'रबदा' को टिकाऊ शिकार के लिए नई गंतव्य के रूप में लॉन्च किया है, जो 'सुहैल 2026' प्रदर्शनी में घोषित किया गया।
मुख्य बिंदु
AI
इमाम तुर्की बिन अब्दुल्ला संरक्षित क्षेत्र प्राधिकरण ने 'रबदा' को अपने क्षेत्र में टिकाऊ शिकार के लिए एक नई गंतव्य के रूप में लॉन्च करने की घोषणा की है। यह घोषणा कतर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शिकार और बाज़ प्रदर्शनी 'सुहैल 2026' के दौरान की गई।
रबदा में पर्यटकों को संगठित शिकार, कैम्पिंग, तारों और खगोल विज्ञान का आनंद लेने का मौका मिलेगा। यहां पारंपरिक शिकार से जुड़ी गतिविधियों को भी शामिल किया गया है, जिससे पर्यटकों और शिकार प्रेमियों के लिए पर्यटन और पर्यावरणीय अनुभवों के विकल्प बढ़ेंगे।
यह संरक्षित क्षेत्र 7,100 वर्ग किलोमीटर से अधिक में फैला है, जो उत्तर में लौका गांव, पूर्व में क़ैसूमत फेहान, पश्चिम में अल-अवैक़ीला-हैयानिया मार्ग और दक्षिण में जबला गांव तक विस्तृत है। इसकी भौगोलिक विविधता में मैदान, रेत के टीले, घाटियां और नदियाँ शामिल हैं।
रबदा को दो मुख्य क्षेत्रों में बांटा गया है, जिन्हें अलग-अलग या पूरी संरक्षित क्षेत्र के रूप में बुक किया जा सकता है। यहां आवास की व्यवस्था कैम्पिंग के रूप में है, जिसमें पर्यटक अपनी खुद की टेंट और उपकरण लाते हैं। अनुभव की न्यूनतम अवधि 14 दिन है, और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सेवाएँ जोड़ी जा सकती हैं।
प्राधिकरण पर्यावरणीय संसाधनों के संरक्षण के लिए शिकार को नियंत्रित करता है, वन्य जीवन और वनस्पति को सुरक्षित रखता है, साथ ही स्थानीय समुदाय को विभिन्न सेवाओं में भागीदारी के अवसर देता है, जिससे पर्यटन गतिविधियों का आर्थिक प्रभाव बढ़ता है।
रबदा, शिकार के लिए 'अल-शमाल' संरक्षित क्षेत्र के साथ, प्राधिकरण द्वारा पेश किए जा रहे शिकार अनुभवों का हिस्सा है। ये दोनों स्थल 'शीतकालीन दरब ज़ुबैदा' सीज़न में शामिल हैं, जो 1 नवंबर 2026 से शुरू होगा। इसमें शूटिंग रेंज, पर्यावरणीय कैम्प और कई ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थल भी शामिल हैं।
इन गंतव्यों के जरिए प्राधिकरण संरक्षित क्षेत्र में पर्यटन अनुभवों का दायरा बढ़ाना चाहता है, ताकि क्षेत्र की प्राकृतिक और ऐतिहासिक विशेषताओं का लाभ उठाकर सऊदी अरब में पर्यावरण और विरासत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।
