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रविवार, 9 अगस्त 2026 · रियाद
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सऊदी अरब

सऊदी, तुर्की और पाकिस्तान के नए गठबंधन से ईरान में चिंता

राजनीतिक विश्लेषक मुहन्नद हाफिज ओग्लू ने कहा कि सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के नए गठबंधन से ईरान और उसकी क्षेत्रीय मिलिशियाओं में डर है क्योंकि तेहरान इस गठबंधन की असली ताकत को समझता है।

अजेल हिंदी20 मिनट पहले · 1 मिनट का पठन
सऊदी, तुर्की और पाकिस्तान के नेताओं की बैठक

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राजनीतिक विश्लेषक मुहन्नद हाफिज ओग्लू ने कहा कि सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के नए गठबंधन से ईरान और उसकी क्षेत्रीय मिलिशियाओं में डर है, क्योंकि तेहरान इस गठबंधन की असली ताकत को समझता है।

ओग्लू ने 'अल अरबिया' चैनल से बातचीत में कहा कि मक्का रक्षा समझौते का मुख्य उद्देश्य हर हाल में शांति और स्थिरता कायम करना है, चाहे वह कूटनीति या राजनीति के जरिए हो, जो सबसे संभावित रास्ता है। अगर मजबूरी में सख्त कदम उठाने पड़ें, तो ये देश उसके लिए भी तैयार हैं।

उन्होंने आगे कहा कि तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान के बयानों का मतलब है कि ये देश ईरान की तरह शत्रुता नहीं दिखाते और न ही भौगोलिक या ऐतिहासिक रूप से नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन किसी भी गतिविधि के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

राजनीतिक विश्लेषक ने यह भी कहा कि हूती मिलिशिया और इराक में ईरान समर्थित गुटों की प्रतिक्रियाएं दिखाती हैं कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स में डर बढ़ रहा है, क्योंकि वे जानते हैं कि मक्का समझौता केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि उसे लागू करने के लिए किया गया है। इसी वजह से वे पहले से हमले करना चाहते हैं, जबकि इन तीनों देशों के पास एक साथ समझदारी और ताकत दोनों है।

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