राजनीतिक विश्लेषक: मक्का रक्षा समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए
राजनीतिक विश्लेषक खालिद नजर ने कहा कि मक्का रक्षा समझौता क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए है और इसमें शामिल देश आर्थिक, सैन्य और भौगोलिक रूप से अहम हैं।
मुख्य बिंदु
AIराजनीतिक विश्लेषक खालिद नजर ने कहा कि मक्का रक्षा समझौता, जिसे सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने हस्ताक्षरित किया है, क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए लाया गया है। उन्होंने जोर दिया कि समझौते में शामिल देश क्षेत्र के लिए केंद्रीय हैं और इनकी आर्थिक, सैन्य और भौगोलिक दृष्टि से बड़ी अहमियत है।
उन्होंने 'अल-इखबारिया' चैनल से बातचीत में कहा कि यह समझौता अराजकता, युद्ध और अस्थिरता के खिलाफ है। नजर ने बताया कि तीनों हस्ताक्षरकर्ता देश क्षेत्र के प्रमुख देश हैं और उनके पास बड़ी सैन्य क्षमताएँ हैं।
गौरतलब है कि सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने शुक्रवार को 'मक्का रक्षा समझौता' पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता मक्का में आयोजित एक शिखर सम्मेलन के दौरान हुआ, जिसकी मेज़बानी किंग सलमान ने की थी।
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