आज पहुंचेगा हरम शरीफ के संरक्षक उमरा-यात्रा कार्यक्रम का तीसरा दल
हरम शरीफ के संरक्षक के उमरा और यात्रा कार्यक्रम के तीसरे दल के 250 मेहमान 23 अफ्रीकी देशों से आज मदीना पहुंचेंगे।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी अरब के इस्लामी मामलों, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय ने हरम शरीफ के संरक्षक के उमरा और यात्रा कार्यक्रम के तीसरे दल के स्वागत की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। इस दल में 23 अफ्रीकी देशों से आए 250 मेहमान शामिल हैं, जो आज बुधवार को मदीना पहुंचेंगे। यह कार्यक्रम इबादत के साथ-साथ इस्लामी और ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा को भी शामिल करता है, जिसके बाद मेहमान मक्का जाकर उमरा अदा करेंगे।
तीसरे दल के मेहमान जिन 23 अफ्रीकी देशों से आए हैं, वे हैं: मिस्र, मोरक्को, ट्यूनीशिया, अल्जीरिया, सेनेगल, गिनी कोनाक्री, कैमरून, नाइजीरिया, घाना, नाइजर, इथियोपिया, रवांडा, मॉरिटानिया, आइवरी कोस्ट, बुर्किना फासो, चाड, तंजानिया, जिबूती, दक्षिण अफ्रीका, जाम्बिया, नामीबिया, अंगोला और माली।
तीसरे दल की मेजबानी हरम शरीफ के संरक्षक की उस पहल के तहत हो रही है, जिसमें उनकी निजी खर्च पर दुनिया भर से 1000 उमरा यात्रियों को चार समूहों में आमंत्रित किया गया है। यह कार्यक्रम मुसलमानों की देखभाल, उनके लिए हरम शरीफ की यात्रा और उमरा की अदायगी को आसान बनाने तथा इस्लामी एकता और भाईचारे को मजबूत करने के मकसद से शुरू किया गया है।
मंत्रालय ने मदीना में मेहमानों के लिए विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया है, जिसमें मस्जिद-ए-नबवी में नमाज, पैगंबर मोहम्मद और उनके दोनों साथियों को सलाम, रौज़ा शरीफ, मस्जिद-ए-क़ुबा, उहुद पर्वत, शहीद-ए-उहुद की कब्रगाह, किंग फहद कुरान प्रिंटिंग कॉम्प्लेक्स, अंतरराष्ट्रीय सीरत और इस्लामी सभ्यता संग्रहालय सहित कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की यात्रा शामिल है।
मदीना यात्रा के बाद मेहमान मक्का जाएंगे, जहां वे उमरा अदा करेंगे। इस दौरान वे काबा की कवर फैक्ट्री, वह्यी प्रदर्शनी और अन्य इस्लामी स्थलों का भी दौरा करेंगे। यह कार्यक्रम धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों से भरपूर है, जिससे मेहमानों को सऊदी अरब द्वारा इस्लाम और मुसलमानों की सेवा तथा हरम शरीफ की देखभाल के प्रयासों से अवगत कराया जाएगा।
हरम शरीफ के संरक्षक का उमरा और यात्रा कार्यक्रम, सऊदी अरब की ओर से मुसलमानों की सेवा, हरम शरीफ की देखभाल और दुनिया भर के मुसलमानों से संवाद मजबूत करने की नीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य हर मेहमान को उनकी इबादत और धार्मिक कर्तव्यों को आसानी और सुकून के साथ निभाने में मदद करना है।
