खलील में 3,000 से अधिक फिलिस्तीनियों का जबरन विस्थापन
23 अक्टूबर से जारी इज़राइली हमलों के चलते खलील में 3,000 से अधिक फिलिस्तीनी जबरन बेघर हुए हैं।
मुख्य बिंदु
AIसंयुक्त राष्ट्र की फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी (UNRWA) के वेस्ट बैंक निदेशक रोलांड फ्रेडरिक ने दक्षिणी वेस्ट बैंक के खलील शहर में 23 अक्टूबर से जारी इज़राइली हमलों के कारण बिगड़ती सुरक्षा और मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता जताई है।
फ्रेडरिक ने एक प्रेस बयान में कहा कि खलील में हालात 2025 की शुरुआत में उत्तरी वेस्ट बैंक में हुए बड़े पैमाने पर विस्थापन की याद दिलाते हैं। उन्होंने बताया कि जेनिन, तुल्करम और नूर शम्स शिविरों के 34,000 से अधिक शरणार्थी एक साल बाद भी जबरन विस्थापित हैं।
फ्रेडरिक ने ज़ोर देकर कहा कि सामूहिक दंड का कोई भी रूप अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। उन्होंने सभी जबरन विस्थापितों की घर वापसी, उनकी गरिमा और अधिकारों के सम्मान और बुनियादी सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने बताया कि UNRWA ने अपने साझेदारों, खलील प्रांत और नगर पालिका के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों की तत्काल ज़रूरतों को पूरा करने के लिए आपातकालीन सहायता पहुंचाई है, जिसमें कंबल, गद्दे और तकिए वितरित किए गए हैं।
इज़राइली सेना 23 अक्टूबर से खलील शहर पर अपना हमला जारी रखे हुए है, जिससे 3,000 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिक जबरन अपने घरों से बेदखल हो गए हैं। इस दौरान कई घर और निजी संपत्तियां ध्वस्त की गई हैं और फिलिस्तीनियों की आवाजाही तथा बुनियादी सेवाओं तक पहुंच पर कड़ी सैन्य पाबंदियां लगाई गई हैं।
