तेज़ी से फैलते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ बढ़ रही है इसकी नैतिकता की ज़रूरत
एआई विशेषज्ञ इसाम अल-कुबैसी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नैतिकता पहले से कहीं अधिक अहम है, क्योंकि इसका इस्तेमाल दुनिया भर में तेज़ी से बढ़ रहा है।
मुख्य बिंदु
AIआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विशेषज्ञ इसाम अल-कुबैसी ने एआई की नैतिकता के महत्व को रेखांकित किया है।
उन्होंने चैनल 'अल-इख़बारिया' से बातचीत में कहा कि एआई की तेज़ और अभूतपूर्व गति से बढ़ती लोकप्रियता के साथ इसकी नैतिकता की अहमियत भी बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में 88% संस्थाएं एआई का इस्तेमाल कर रही हैं, ऐसे में इसके लिए नियम तय करना, इसके प्रभावों को समझना और जिम्मेदारी के साथ इसका इस्तेमाल सुनिश्चित करना ज़रूरी है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब एआई की नैतिकता सिर्फ तकनीकी कंपनियों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसका इस्तेमाल शिक्षा, मीडिया, बैंकिंग, रोजगार और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी हो रहा है।
आज रियाद में डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से जुड़े शीर्ष अधिकारी, यूनेस्को और अंतरराष्ट्रीय आईकेयर सेंटर के प्रतिनिधि एक अंतरराष्ट्रीय प्रेस ब्रीफिंग में जुट रहे हैं। इसमें यूनेस्को ग्लोबल फोरम ऑन एथिक्स ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चौथे संस्करण की जानकारी दी जाएगी, जिसकी मेज़बानी सऊदी अरब 14 से 17 सितंबर 2026 के बीच करेगा।
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