इस्तितला मंच ने 28 आर्थिक और विकास परियोजनाएँ आम राय के लिए पेश कीं
इस्तितला मंच ने 28 नई आर्थिक और विकास परियोजनाएँ आम जनता और सरकारी-निजी क्षेत्र से राय लेने के लिए जारी की हैं।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी प्रतिस्पर्धा और व्यापार केंद्र के तहत आने वाले एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक मंच 'इस्तितला' ने 20 सरकारी एजेंसियों के सहयोग से आर्थिक और विकास से जुड़ी 28 परियोजनाएँ पेश की हैं। इनका उद्देश्य हितधारकों को इन योजनाओं पर अपनी राय और सुझाव देने का अवसर देना है, ताकि इन्हें अंतिम रूप देने से पहले उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
इन परियोजनाओं में, न्याय मंत्रालय ने 'निष्पादन प्रणाली की कार्यकारी नियमावली' का मसौदा जारी किया है, जिसका मकसद निष्पादन प्रक्रियाओं की दक्षता बढ़ाना, अनुबंधों को लागू करना, न्यायिक सुरक्षा को मजबूत करना और निष्पादन अनुबंधों की प्रभावशीलता बढ़ाना है। साथ ही, यह त्वरित न्याय और अधिकारों की शीघ्र प्राप्ति को सुनिश्चित करता है, जिसमें निष्पादन के खिलाफ व्यक्ति के मूल अधिकारों और समाज के हितों का भी ध्यान रखा गया है। यह परियोजना डिजिटल परिवर्तन और वित्तीय व गैर-वित्तीय निष्पादन प्रक्रियाओं के विकास के अनुरूप है। इस पर राय देने की अंतिम तिथि 29 सितंबर 2026 है।

इसी क्रम में, परिवहन सामान्य प्राधिकरण ने 'इलेक्ट्रॉनिक एप्लिकेशन के जरिए कारों से यात्री परिवहन में मध्यस्थता गतिविधि की कार्यकारी नियमावली' में संशोधन का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य ऐसी व्यवस्था बनाना है, जिससे स्वचालित वाहनों के जरिए यात्री परिवहन सेवा दी जा सके। इस पर राय देने की अंतिम तिथि 1 अक्टूबर 2026 है।
इसके अलावा, नगर, ग्रामीण और आवासीय मामलों के मंत्रालय ने 'स्क्रैप साइट्स के लिए नगरपालिका शर्तें' का मसौदा पेश किया है। इसका मकसद इन साइट्स का नियमन करना, अनुपालन स्तर बढ़ाना और आवश्यक नगरपालिका शर्तें तय करना है, ताकि शहरी दृश्य में सुधार, सुरक्षा मानकों की मजबूती और अनियमित गतिविधियों व उनसे जुड़ी नकारात्मकताओं को कम किया जा सके। इस पर राय देने की अंतिम तिथि 1 अक्टूबर 2026 है।
पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा
गौरतलब है कि 'इस्तितला' मंच के जरिए नियमों और विनियमों के मसौदे पेश करने का मकसद विधायी पारदर्शिता बढ़ाना, आम जनता, सरकारी और निजी क्षेत्र में रायशुमारी की संस्कृति को बढ़ावा देना और व्यावसायिक माहौल से जुड़ी परियोजनाओं के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
