बरीदा अंतरराष्ट्रीय खजूर कार्निवल में 'तमर कास्ट' से प्रतिभागियों के अनुभव दर्ज
बरीदा अंतरराष्ट्रीय खजूर कार्निवल में 'तमर कास्ट' मंच पर किसान, मेहमान और आगंतुक सीधे संवाद कर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
AIबरीदा अंतरराष्ट्रीय खजूर कार्निवल के आगंतुक 'तमर कास्ट' मंच के ज़रिए कार्यक्रम की गतिविधियों को दर्ज कर रहे हैं। यह मंच किसानों, खजूर प्रेमियों और आगंतुकों को बरीदा शहर के 'नखला सेंटर' में सीधी बातचीत के लिए आमंत्रित करता है, ताकि वे अपने अनुभव और खजूर व खजूर के पेड़ों को लेकर अपनी राय साझा कर सकें।
मंच पर होने वाली इन मुलाकातों में खेती, उत्पादन और विपणन से जुड़े विविध विषयों पर चर्चा होती है। इसके साथ ही, किसानों के अनुभव और आगंतुकों की टिप्पणियाँ साझा की जाती हैं, ताकि खजूर के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया जा सके और क़सीम क्षेत्र में इसके आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया जा सके।
'तमर कास्ट' अपने मेहमानों को खजूर और खजूर के पेड़ों से अपने संबंधों पर खुलकर बोलने का मौका देता है, जिससे कार्निवल की मीडिया कवरेज में प्रतिभागियों की आवाज़ें शामिल होती हैं और खजूर के मौसम से जुड़ी कहानियाँ और अनुभव दर्ज किए जाते हैं।
मीडिया साधनों में विविधता और आगंतुक अनुभव को बढ़ावा
बरीदा अंतरराष्ट्रीय खजूर कार्निवल की उच्च समिति ने बताया कि मंच की शुरुआत कार्निवल की मीडिया रणनीति में विविधता लाने और संबंधित सामग्री को नए तरीकों से पेश करने के लिए की गई है, ताकि खजूर और उससे जुड़ी गतिविधियों की जानकारी और पहुँच बढ़े और क्षेत्र के लिए इस क्षेत्र की अहमियत उजागर हो सके।
समिति ने यह भी बताया कि कार्निवल के कार्यक्रमों में संवादात्मक मंचों का इस्तेमाल क्षेत्र से जुड़ी जानकारी साझा करने और आगंतुकों के अनुभव को समृद्ध करने में मदद करता है। 'तमर कास्ट' उन मीडिया साधनों में से है, जो कार्यक्रम और उसके दर्शकों के बीच सेतु का काम करता है और विभिन्न वर्गों तक इसकी पहुँच बनाता है।
गौरतलब है कि 'तमर कास्ट' मंच बरीदा अंतरराष्ट्रीय खजूर कार्निवल के सहायक कार्यक्रमों में शामिल है, जो 75 दिनों तक चलता है और खजूर व खजूर के पेड़ों से जुड़ी विविध गतिविधियाँ और कार्यक्रम पेश करता है, जिससे क्षेत्र और उसकी उत्पादों की पहचान और आगंतुकों का अनुभव बेहतर होता है।
