सऊदी अरब ने एआई गवर्नेंस और राष्ट्रीय क्षमताओं को मजबूत किया
सदाया प्रमुख डॉ. अब्दुल्ला अल-गामदी ने कहा कि सऊदी अरब एआई गवर्नेंस और क्षमताओं के निर्माण को नई पहलों से आगे बढ़ा रहा है।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्राधिकरण (सदाया) के प्रमुख डॉ. अब्दुल्ला अल-गामदी ने कहा कि सऊदी अरब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की गवर्नेंस को मजबूत करने और इस क्षेत्र में राष्ट्रीय क्षमताओं के निर्माण को विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके लिए देश ने कई ऐसी पहलें शुरू की हैं, जो एआई तकनीकों के इस्तेमाल को विनियमित करने, जोखिम प्रबंधन, जागरूकता और विशेषज्ञता बढ़ाने पर केंद्रित हैं, ताकि इसकी क्षमताओं का जिम्मेदारी से लाभ उठाया जा सके।
डॉ. गामदी ने यह बात रियाद में आयोजित यूनेस्को वैश्विक एआई एथिक्स फोरम के चौथे संस्करण के उद्घाटन के दौरान कही। इस फोरम की मेज़बानी सऊदी अरब कर रहा है, जिसका आयोजन सदाया द्वारा, यूनेस्को के साथ साझेदारी और इंटरनेशनल सेंटर फॉर एआई रिसर्च एंड एथिक्स (ICAIRE) के सहयोग से 14 से 17 सितंबर 2026 के बीच किया जा रहा है। इसमें यूनेस्को की उपमहानिदेशक आसा रेनियर और ICAIRE के कार्यवाहक महानिदेशक डॉ. माजिद अल-शहरी भी शामिल हैं।
डॉ. अब्दुल्ला अल-गामदी ने बताया कि इस साल एआई गवर्नेंस के क्षेत्र में सऊदी अरब द्वारा शुरू की गई पहलों में एआई जोखिम प्रबंधन ढांचा, जिम्मेदार उपयोग नीति, और व्यक्तियों के लिए एआई बैज सहित कई अन्य पहलें शामिल हैं।
सदाया प्रमुख ने बताया कि इस क्षेत्र में कई पहलें शुरू की गई हैं, जिनमें डेटा और एआई में वैश्विक क्षमताओं के निर्माण के लिए सम्मेलन का आयोजन भी शामिल है। इस सम्मेलन के तहत 40 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
डॉ. गामदी ने बताया कि सऊदी अरब ने राष्ट्रीय कार्यक्रम 'स्माई' के तहत 12 लाख से अधिक प्रतिभागियों के स्नातक होने का जश्न मनाया है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य एआई के क्षेत्र में 10 लाख सऊदी नागरिकों को प्रशिक्षित करना है। साथ ही 'स्माई 2' कार्यक्रम भी शुरू किया गया है, जो ऊर्जा, स्वास्थ्य, उद्योग, शिक्षा और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञ क्षमताओं के निर्माण पर केंद्रित है।
डॉ. अब्दुल्ला अल-गामदी ने यह भी बताया कि 2024 में सऊदी अरब, यूनेस्को और ICAIRE के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ है। वहीं, 2026 में सऊदी अरब वैश्विक एआई एथिक्स फोरम की मेज़बानी करेगा। इससे पहले इसका पहला संस्करण चेक गणराज्य, दूसरा स्लोवेनिया और तीसरा थाईलैंड में हुआ था।
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