चार ब्रेन डेड डोनरों ने 14 मरीजों की जान बचाई
सऊदी अंग प्रत्यारोपण केंद्र ने एक हफ्ते में 14 मरीजों की जान बचाई, जिनमें चार बच्चे भी शामिल हैं।
मुख्य बिंदु
AIपिछले सप्ताह सऊदी अंग प्रत्यारोपण केंद्र की टीम ने चार ब्रेन डेड डोनरों से अंग निकालने की चार सफल प्रक्रियाएँ समन्वित कीं, जिनसे 14 मरीजों की जान बचाई गई। इनमें चार बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी अंग विफलता की समस्या का समाधान हुआ। ये ऑपरेशन सऊदी अरब और विदेश की कई चिकित्सा संस्थाओं के सहयोग से किए गए, जिनमें जॉन हॉपकिन्स अरामको अस्पताल (जुबैल), इमाम अब्दुलरहमान अल-फैसल अस्पताल, रफ्हा सेंट्रल अस्पताल और जेद्दा का किंग अब्दुलअज़ीज़ अस्पताल शामिल हैं।
इन ऑपरेशनों में तीन हृदय प्रत्यारोपण हुए, जिनमें से एक बच्चे को दिल की विफलता से राहत मिली। तीन लीवर प्रत्यारोपण हुए, जिनमें एक बच्चे को लीवर फेल्योर से निजात मिली। इसके अलावा दो फेफड़े और पांच किडनी प्रत्यारोपण किए गए, जिससे दो बच्चों और दो अन्य मरीजों को किडनी फेल्योर और डायलिसिस से मुक्ति मिली। एक मरीज को किडनी और पैंक्रियास दोनों का प्रत्यारोपण भी किया गया।

अंग वितरण और चिकित्सा प्राथमिकताओं की निष्पक्षता
सऊदी अंग प्रत्यारोपण केंद्र के महानिदेशक डॉ. तलाल अल-कऊफी ने बताया कि अंगों का वितरण चिकित्सा नैतिकता के अनुसार किया गया, ताकि मरीजों की प्राथमिकता के आधार पर निष्पक्षता बनी रहे। उन्होंने इस सफलता का श्रेय सभी संबंधित संस्थाओं के सहयोग और समन्वय को दिया।
डॉ. कऊफी ने मेडिकल एवाक्युएशन प्रबंधन और सभी चिकित्सा टीमों के प्रयासों की सराहना की और डोनर परिवारों के प्रति आभार जताया, जिन्होंने अपने परिजनों के अंग दान करने का फैसला लिया। उन्होंने उनके लिए अल्लाह से बेहतरीन बदले की दुआ की।
