विशेषज्ञ: सऊदी अरब ने इराक में मिलिशिया पर सैन्य कार्रवाई की मजबूरी बताई
राजनीतिक संचार विशेषज्ञ डॉ. मुतलक अल-मुतैरी ने कहा कि सऊदी अरब को इराक में मिलिशिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी, जबकि प्राथमिकता कूटनीतिक संवाद थी।
मुख्य बिंदु
AIराजनीतिक संचार के प्रोफेसर डॉ. मुतलक अल-मुतैरी ने कहा कि सऊदी अरब को इराक में मिलिशिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जबकि सऊदी अरब द्वारा की गई हवाई कार्रवाई पहली पसंद नहीं थी, बल्कि प्राथमिकता कूटनीतिक संपर्कों को दी गई थी।
उन्होंने चैनल 'अल-इख़बारिया' से बातचीत में कहा कि छह रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मारे जाने से यह साबित होता है कि हवाई हमला सटीक था और अभियान अपने असली लक्ष्यों तक पहुँचा।
इससे पहले एक सऊदी अधिकारी ने सऊदी अरब की इराक सरकार और जनता के साथ संबंधों की प्रतिबद्धता दोहराई थी, और स्पष्ट किया था कि हालिया हवाई हमला इराकी जनता या सरकार के खिलाफ नहीं था।
अधिकारी ने बताया कि यह हवाई हमला उन मिलिशिया की क्षमताओं को निशाना बनाकर किया गया था, जिन्होंने सऊदी अरब की सुरक्षा को खतरा पहुँचाया और उसकी नागरिक व आर्थिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई एक सीमित और सटीक जवाब थी, जो केवल मिलिशिया के सैन्य गोदामों तक सीमित रही।
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