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रविवार, 18 अक्तूबर 2026 · रियाद
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सऊदी अरब

उमरा कार्यक्रम की चौथी खेप के मेहमानों ने मक्का से विदाई ली

खादिम-ए-हरमैन उमरा व ज़ियारत कार्यक्रम की चौथी खेप के मेहमान शनिवार को मक्का से अपने देशों के लिए रवाना हुए।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 2 मिनट का पठन
मक्का से उमरा कार्यक्रम के मेहमानों की विदाई

मुख्य बिंदु

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खादिम-ए-हरमैन उमरा और ज़ियारत कार्यक्रम 1448 हिजरी की चौथी खेप के मेहमान, जिसे इस्लामी मामलों, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय संचालित करता है, शनिवार को मक्का से अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने उमरा के अरकान अदा किए और मदीना में मस्जिद-ए-नबवी की ज़ियारत की। इस कार्यक्रम के तहत 21 देशों के 250 पुरुष और महिला मेहमानों की मेज़बानी की गई थी, जिन्हें पूरी अवधि में मंत्रालय की ओर से बेहतरीन सेवाएँ और सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।

मेहमानों की यात्रा में मक्का और मदीना के कई इस्लामी और ऐतिहासिक स्थलों की सैर भी शामिल थी। उन्होंने मस्जिद-ए-नबवी में नमाज़ अदा की, पैगंबर मोहम्मद (सल्ल.) और उनके दोनों साथियों (रजि.) को सलाम पेश किया, रौज़ा शरीफ में नमाज़ पढ़ी, मस्जिद-ए-क़ुबा, जिबल-ए-उहुद, शहीद-ए-उहुद की कब्रगाह, किंग फहद कुरान प्रिंटिंग कॉम्प्लेक्स, और अंतरराष्ट्रीय सीरत व इस्लामी सभ्यता संग्रहालय का भी दौरा किया।

मक्का में मेहमानों ने उमरा किया और किंग अब्दुलअज़ीज़ काबा कवरिंग कॉम्प्लेक्स में काबा की कवरिंग के निर्माण की प्रक्रिया देखी। उन्होंने वह्य प्रदर्शनी का दौरा किया और कई जागरूकता व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया, जिनके ज़रिए उन्हें हरमैन शरीफैन की देखभाल और हाजियों की सेवा में सऊदी अरब के प्रयासों से अवगत कराया गया। इन गतिविधियों ने उनकी आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक यात्रा को समृद्ध किया।

रवाना होने से पहले मेहमानों ने सऊदी अरब में अपने प्रवास के दौरान मिली गर्मजोशी, मेहमाननवाज़ी और सतत देखभाल के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने उन्हें उमरा और मस्जिद-ए-नबवी की ज़ियारत के साथ-साथ कई इस्लामी और ऐतिहासिक स्थलों को जानने का अवसर दिया, और मंत्रालय की ओर से मिली सुविधाओं ने उनकी इबादत को आसान और सुकूनभरा बनाया।

मेहमानों ने किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को इस्लाम, मुसलमानों और हाजियों की सेवा के लिए धन्यवाद और सराहना प्रकट की। साथ ही, इस्लामी मामलों, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय के प्रयासों की भी तारीफ की, जिसने उनकी मेज़बानी के दौरान हर तरह की सेवा और देखभाल सुनिश्चित की।

खादिम-ए-हरमैन उमरा और ज़ियारत कार्यक्रम, सऊदी अरब की ओर से इस्लाम और मुसलमानों की सेवा तथा दुनियाभर के मुसलमानों से संबंध मज़बूत करने की कोशिशों का हिस्सा है। यह कार्यक्रम मेहमानों को उमरा और मस्जिद-ए-नबवी की ज़ियारत का अवसर देता है और हरमैन शरीफैन के ज़ायरीनों के लिए सऊदी अरब की सेवाओं से अवगत कराता है।

गौरतलब है कि चौथी खेप में एशिया और ओशिनिया की 21 देशों से 250 मेहमान शामिल थे। इस कार्यक्रम का संचालन और देखरेख इस्लामी मामलों, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय करता है।

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