यमनी कैबिनेट ने सऊदी अरब पर हौथी हमलों की कड़ी निंदा की
यमनी मंत्रिमंडल ने शनिवार को प्रधानमंत्री शाए मोहसिन अल-ज़ंदानी की अध्यक्षता में बैठक कर सऊदी अरब पर हौथी हमलों की कड़ी निंदा की और यमन की पूरी एकजुटता जताई।
मुख्य बिंदु
AIयमनी मंत्रिमंडल ने शनिवार को प्रधानमंत्री शाए मोहसिन अल-ज़ंदानी की अध्यक्षता में बैठक की, जिसमें सैन्य, सुरक्षा, राजनीतिक, आर्थिक और मानवीय हालात की समीक्षा की गई। यह चर्चा हौथी मिलिशिया द्वारा ईरान के समर्थन से किए जा रहे गंभीर और तेज़ सैन्य हमलों और उनके राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों के मद्देनज़र हुई।
बैठक में विभिन्न मोर्चों पर सैन्य अभियानों की प्रगति, युद्धक तैयारियों की स्थिति, हौथी हमलों से उत्पन्न मानवीय संकट, नए विस्थापन और नागरिकों पर असर को लेकर सरकारी कदमों की समीक्षा की गई, ताकि आम जनता पर असर कम हो सके।
मंत्रिमंडल ने अपने आधिकारिक बयान में सऊदी अरब की भूमि पर हौथी हमलों की कड़ी निंदा की और यमन की पूरी एकजुटता दोहराई। साथ ही, सऊदी अरब को अपनी सुरक्षा, नागरिकों और संसाधनों की रक्षा का वैध अधिकार बताया। मंत्रिमंडल ने कहा कि यमनी भूमि का इस्तेमाल सऊदी अरब पर हमले के लिए करना यमनी जनता के हितों के खिलाफ़ है और यह हौथी मिलिशिया की विदेशी एजेंडा को उजागर करता है।
मंत्रिमंडल ने सऊदी अरब द्वारा यमन और उसकी वैध सरकार को दिए जा रहे राजनीतिक, आर्थिक, सैन्य और मानवीय समर्थन की सराहना की और संकट के समय यमन के साथ खड़े सभी मित्र देशों का आभार जताया।
यमनी मंत्रिमंडल ने कहा कि सरकार संकट के खत्म होने का इंतजार नहीं करती, बल्कि उसका प्रबंधन करती है, असर से निपटती है और भविष्य के लिए तैयार रहती है। राज्य संस्थाएँ कठिन हालात में भी अपनी जिम्मेदारियाँ निभाती रहेंगी, परिणाम और ज़मीनी काम को प्राथमिकता दी जाएगी और सभी सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत किया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने ज़ोर दिया कि मौजूदा हालात में एकजुट सरकारी कार्रवाई, संस्थागत अनुशासन, तेज़ प्रतिक्रिया और सैन्य, सुरक्षा, मानवीय, आर्थिक और सेवा क्षेत्रों में समन्वय ज़रूरी है, ताकि नागरिकों का हौसला बना रहे और राज्य चुनौतियों का सामना कर सके।
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