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रविवार, 9 अगस्त 2026 · रियाद
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सऊदी अरब

मक्का में किंग अब्दुलअज़ीज़ अंतरराष्ट्रीय क़ुरआन प्रतियोगिता में मुकाबला

मक्का में किंग अब्दुलअज़ीज़ अंतरराष्ट्रीय क़ुरआन प्रतियोगिता के 46वें संस्करण की अंतिम चरण में दुनियाभर के हाफ़िज़ क़ुरआन हिस्सा ले रहे हैं।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 2 मिनट का पठन
मक्का में क़ुरआन प्रतियोगिता के प्रतिभागी

मुख्य बिंदु

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मक्का में किंग अब्दुलअज़ीज़ अंतरराष्ट्रीय क़ुरआन प्रतियोगिता के 46वें संस्करण के अंतिम चरण जारी हैं, जिसमें विभिन्न महाद्वीपों और देशों के प्रतिभागी एकत्र हुए हैं। यह प्रतियोगिता क़ुरआन के हिफ़्ज़, तिलावत और तफ़्सीर के लिए आयोजित की जाती है। प्रतिभागियों के बीच क़ुरआन और उसकी शिक्षाओं को याद रखने की भावना के साथ मुकाबला हो रहा है। इस प्रतियोगिता का आयोजन सऊदी अरब के इस्लामी मामलों, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय द्वारा किया जाता है, जो अब इस्लामी दुनिया की एक वार्षिक अहम घटना बन गई है।

प्रतिभागियों में मौरिटानिया के इब्राहीम मोहम्मद सईद (प्रथम वर्ग) ने बताया कि क़ुरआन से उनका रिश्ता तिलावत के विज्ञान में गहराई तक गया है। उन्होंने सऊदी नेतृत्व और इस्लामी मामलों के मंत्रालय को क़ुरआन और उसके सेवकों के लिए की गई कोशिशों और प्रतियोगिता के आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।

बेल्जियम के इलियास अल-कुरैशी (पाँचवें वर्ग) ने मक्का में क़ुरआन पढ़ने पर गर्व जताया और इसे एक असाधारण अनुभव और ध्यान व सुकून पाने का अवसर बताया।

विविध कहानियाँ, एक लक्ष्य

बेल्जियम के ही अयान ने कहा कि प्रतियोगिता के अंतिम चरण में पहुंचना उनका पुराना सपना था, जो मक्का में पूरा हुआ।

बांग्लादेश के मोहम्मद ज़करिया (चौथे वर्ग) ने अपनी यात्रा को याद किया कि कैसे एक छोटे गाँव से मक्का तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेना और मस्जिद-ए-हरम में खड़े होना उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान और अविस्मरणीय याद है।

पाँचवें वर्ग में अर्जेंटीना के अनिल रोमान मंडोल्डो सबसे कम उम्र के प्रतिभागी हैं, जिनकी उम्र सिर्फ़ सात साल है। उन्होंने इस वैश्विक क़ुरआन प्रतियोगिता में भागीदारी पर गर्व जताया और कहा कि यह अनुभव हमेशा उनकी याद में रहेगा।

क़ुरआनी प्रतिभाओं का वैश्विक मंच

प्रतिभागियों की कहानियाँ उनकी विविध पृष्ठभूमियों और संस्कृतियों को दर्शाती हैं, साथ ही यह प्रतियोगिता एक ऐसा वैश्विक मंच है जहाँ वे मस्जिद-ए-हरम के अंदर आध्यात्मिक और शैक्षिक माहौल में एकत्र होते हैं।

यह प्रतियोगिता सिर्फ़ पुरस्कारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भाग लेने वालों को क़ुरआन की अहमियत को महसूस करने और अलग-अलग देशों के हाफ़िज़ों से मिलने का मौका मिलता है। यह अनुभव उनकी क़ुरआन यात्रा की सबसे अहम यादों में शामिल हो जाता है।

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