सामग्री पर जाएँ
शनिवार, 8 अगस्त 2026 · रियाद
العربيةEnglishन्यूज़लेटरसंपर्क
सऊदी अरब

मानव मस्तिष्क के विकास में कार्बोहाइड्रेट की अहम भूमिका: अध्ययन

एक नई वैज्ञानिक शोध के मुताबिक, कार्बोहाइड्रेट्स ने मानव मस्तिष्क के आकार और ऊर्जा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 2 मिनट का पठन
मानव मस्तिष्क का विकास और कार्बोहाइड्रेट स्रोत

मुख्य बिंदु

AI

ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी और ब्रिटेन की ग्लासगो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा की गई एक नई वैज्ञानिक अध्ययन में यह संभावना जताई गई है कि कार्बोहाइड्रेट्स ने मानव मस्तिष्क के विकास और उसके आकार में वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है। अध्ययन के अनुसार, प्राकृतिक शर्करा और स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थों ने इस विकास के लिए जरूरी ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराया।

यह अध्ययन साइंस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। इसमें बताया गया है कि मानव पूर्वजों के मस्तिष्क का औसत आकार लगभग चार मिलियन वर्षों में पांच गुना बढ़ा—करीब 300 ग्राम से (जैसे ऑस्ट्रालोपिथेकस अफारेन्सिस) बढ़कर आधुनिक मानव में लगभग 1.5 किलोग्राम तक पहुंच गया।

शोधकर्ताओं के अनुसार, मस्तिष्क के इस बड़े विस्तार के लिए लगातार ऊर्जा की आपूर्ति जरूरी थी, जिसमें ग्लूकोज़ प्रमुख स्रोत रहा। यह निष्कर्ष पारंपरिक धारणाओं के साथ-साथ मांस और पशु उत्पादों की भूमिका से आगे बढ़कर मस्तिष्क क्षमताओं के विकास के लिए एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

कई प्रमाण और विविध खाद्य स्रोत

शोध टीम ने जीवाश्म दांतों की जांच, प्राचीन समस्थानिकों का विश्लेषण, पके फलों की पहचान में बदलाव और कार्बोहाइड्रेट के स्वाद और चयापचय से जुड़े आनुवंशिक प्रमाणों का अध्ययन किया।

शोधकर्ताओं का अनुमान है कि एक वयस्क इंसान को मस्तिष्क और कुछ अन्य अंगों की जरूरतें पूरी करने के लिए रोजाना 150 से 250 ग्राम ग्लूकोज़ की आवश्यकता होती है, जबकि छोटे बच्चों के लिए यह मात्रा लगभग 125 ग्राम है।

इसी संदर्भ में, अध्ययन बताता है कि विकास के शुरुआती दौर में फल और शहद कार्बोहाइड्रेट के मुख्य स्रोत रहे होंगे। बाद में, जब इंसानों ने आग और खाना पकाने की क्षमता विकसित की, तो जड़ें और कंद जैसी पकी हुई स्टार्चयुक्त चीजों का महत्व बढ़ गया।

अध्ययन के निष्कर्ष मानव मस्तिष्क के विकास के इतिहास को व्यापक दृष्टि से समझने में मदद करते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि ऊर्जा और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाद्य स्रोतों की उपलब्धता ने मस्तिष्क के विकास को सहारा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, साथ ही अन्य आहार और पर्यावरणीय बदलावों ने भी इसमें योगदान दिया।

टिप्पणियाँ (0)