सऊदी विकास कोष ने जॉर्डन में फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए समर्थन की समीक्षा की
सऊदी विकास कोष ने जॉर्डन में फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए सऊदी अरब के विकासात्मक समर्थन के प्रभाव का जायज़ा लिया, जिसमें UNRWA भी शामिल रही।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी विकास कोष ने जॉर्डन में फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए सऊदी अरब द्वारा दिए जा रहे विकासात्मक समर्थन के प्रभाव की समीक्षा की। यह समीक्षा कोष के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुल्तान बिन अब्दुलरहमान अल-मुरशिद और संयुक्त राष्ट्र फिलिस्तीनी शरणार्थी राहत एवं कार्य एजेंसी (UNRWA) के कार्यवाहक आयुक्त जनरल क्रिस्टियन सॉन्डर्स की संयुक्त क्षेत्रीय यात्रा के दौरान की गई।
इस दौरे में अम्मान न्यू कैम्प में स्थित माध्यमिक विद्यालय परियोजना और अल-ज़ुहूर स्वास्थ्य केंद्र परियोजना का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर जॉर्डन में सऊदी अरब के उप राजदूत मोहम्मद मुनिस भी मौजूद रहे। ये परियोजनाएँ सऊदी विकास कोष के वित्तपोषण से सऊदी अरब के उदार समर्थन के तहत चलाई जा रही हैं, जिसका उद्देश्य फिलिस्तीनी शरणार्थियों की सहायता और उनके जीवन स्तर में सुधार करना है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में विकासात्मक प्रयास
कोष के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि इस यात्रा से UNRWA के साथ साझेदारी में वित्तपोषित परियोजनाओं के प्रभाव को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि सऊदी समर्थन ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और अन्य बुनियादी सेवाओं के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में योगदान दिया है।
वहीं, UNRWA के कार्यवाहक आयुक्त जनरल ने सऊदी अरब के साथ निरंतर साझेदारी की सराहना की और कहा कि बुनियादी ढांचे में निवेश ने शरणार्थियों के जीवन और कार्य की परिस्थितियों पर सकारात्मक असर डाला है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और अन्य महत्वपूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने में मदद की है।
सऊदी अरब और जॉर्डन के बीच विकास सहयोग को बढ़ावा
गौरतलब है कि सऊदी विकास कोष ने UNRWA के साथ मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्रों में फिलिस्तीनी जनता के लिए कई विकास परियोजनाएँ और कार्यक्रम लागू किए हैं। अपनी यात्रा के दौरान कोष के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने जॉर्डन की योजना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री ज़ीना तौकान से भी मुलाकात की, जिसमें दोनों पक्षों ने कोष द्वारा वित्तपोषित विकास परियोजनाओं और आपसी सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
