चीन ने अमेरिका से कहा: ईरान के साथ हमारा सहयोग वैध, एकतरफा प्रतिबंध नहीं मानेंगे
चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस संकेत पर प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने तेहरान से संबंधों के चलते चीनी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी।
मुख्य बिंदु
AIचीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस संकेत पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने तेहरान से संबंधों के चलते चीनी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की संभावना जताई थी।
रूसी समाचार एजेंसी स्पुतनिक के अनुसार, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने आज कहा कि उनका देश मानता है कि ईरान के साथ संकट का हल केवल संवाद और बातचीत से ही संभव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चीन अवैध एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध करता है और यह रुख 'स्थिर और स्पष्ट' है।
चीनी विदेश मंत्रालय ने इस सप्ताह कहा कि चीन और ईरान के बीच सहयोग हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में होता है। यह बयान अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए नए व्यापक प्रतिबंधों के संदर्भ में आया है।
प्रवक्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 'चीन और ईरान के बीच सहयोग अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत होता है, इसमें किसी भी तरह का हस्तक्षेप या बाधा नहीं होनी चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि चीन हालात पर करीबी नजर रखे हुए है और अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
इससे पहले, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बिसेंट ने 'आर्थिक रूप से अलग-थलग करने' की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की थी, जिसके तहत ईरान और उसका समर्थन करने वाले किसी भी देश पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने आज कहा कि अमेरिका की नई आर्थिक कार्रवाइयाँ राज्य प्रायोजित आतंकवाद के स्तर तक पहुँच गई हैं और ये अवैध और निंदनीय हैं।
इस्माइल बकाई ने यह भी कहा कि 'ईरान अन्य देशों से अपील करता है कि वे अमेरिकी प्रतिबंधों को लागू करने से बचें,' और यह भी जोड़ा कि 'अमेरिकी प्रतिबंधों में भागीदारी किसी देश की अवैध इच्छा को दूसरों पर थोपने की साजिश के बराबर है।'
