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रविवार, 27 सितंबर 2026 · रियाद
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सऊदी अरब

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता: वैश्विक शांति और सुरक्षा में सऊदी अरब की अहम भूमिका

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता ने कहा कि सऊदी अरब क्षेत्रीय और वैश्विक शांति-सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और उसकी राजनीतिक व मानवीय पहलों की सराहना की।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 3 मिनट का पठन
संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्टेफान डुजारिक का बयान

मुख्य बिंदु

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता, स्टेफान डुजारिक ने कहा है कि सऊदी अरब क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर शांति और सुरक्षा के मुद्दों में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने क्षेत्रीय संघर्षों के राजनीतिक समाधान में सऊदी योगदान को रेखांकित किया, जिससे संवाद के रास्ते खुलते हैं, तनाव कम होता है और स्थायी शांति की दिशा में प्रगति होती है।

डुजारिक ने सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) से बातचीत में कहा कि सऊदी अरब, फ्रांस और अन्य साझेदारों के साथ मिलकर फिलिस्तीन मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान और दो-राष्ट्र सिद्धांत के कार्यान्वयन के लिए उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के जरिए वैश्विक समर्थन जुटा रहा है। उन्होंने न्यूयॉर्क घोषणा का भी स्वागत किया और इस समर्थन को ठोस और टिकाऊ कार्रवाई में बदलने की जरूरत बताई।

मध्य पूर्व में शांति प्रक्रिया को समर्थन

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता ने कहा कि मध्य पूर्व में शांति और दो-राष्ट्र समाधान को आगे बढ़ाने के लिए सबसे अहम कदम एक विश्वसनीय राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करना है, जिससे कब्जे का अंत हो और फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना हो सके। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और पूर्व समझौतों के अनुरूप प्रभावी उपायों की जरूरत है, ताकि दो-राष्ट्र समाधान की संभावना बनी रहे।

डुजारिक ने अवैध बस्तियों के विस्तार और कब्जे को पलटने की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि ये भविष्य के फिलिस्तीनी राज्य की व्यवहार्यता को कमजोर करते हैं। साथ ही, फिलिस्तीनी संस्थाओं को मजबूत करने और फिलिस्तीनी प्राधिकरण की वित्तीय स्थिरता बहाल करने की जरूरत बताई।

मानवीय और विकास संबंधी मुद्दों में सऊदी की भूमिका

डुजारिक ने गाजा में संघर्ष समाप्त करने की समग्र योजना लागू करने, मानवीय सहायता की सतत आपूर्ति, पुनर्निर्माण और एकीकृत फिलिस्तीनी शासन की दिशा में रास्ता तय करने की अहमियत बताई। उन्होंने कहा कि गाजा और पश्चिमी तट, जिसमें पूर्वी यरुशलम भी शामिल है, राजनीतिक, आर्थिक और भौगोलिक रूप से एकजुट बने रहें, यह जरूरी है।

उन्होंने बीते दो वर्षों में सऊदी अरब द्वारा संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई बड़ी बैठकों की मेजबानी की सराहना की, जिनमें संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण सम्मेलन (COP16), इंटरनेट गवर्नेंस फोरम, संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) का सम्मेलन, पर्यटन संगठन की महासभा, अंतरराष्ट्रीय खनन सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय श्रम बाजार सम्मेलन और फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव शामिल हैं।

आगामी आयोजनों और मंचों की सराहना

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता ने आने वाले वर्षों में सऊदी अरब द्वारा आयोजित किए जाने वाले प्रमुख आयोजनों की भी प्रशंसा की, जैसे नवंबर 2026 में वैश्विक डेटा फोरम, 2027 में वैश्विक जल फोरम, रियाद एक्सपो 2030 और 2034 में फीफा विश्व कप।

उन्होंने बहुपक्षीय मंचों के गठन में सऊदी अरब के योगदान का उल्लेख किया, जैसे डिजिटल सहयोग संगठन, जो 2020 में जी-20 की सऊदी अध्यक्षता के दौरान बनी, और 2025 में स्थापित वैश्विक जल संगठन।

मानवीय कार्यों में सऊदी की भूमिका

डुजारिक ने बताया कि सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े दाताओं में है। 2023 में उसने अपनी 94% आधिकारिक विकास सहायता द्विपक्षीय रूप से दी, जिसकी राशि लगभग 5.47 अरब अमेरिकी डॉलर थी (आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के अनुसार)। उन्होंने संकटग्रस्त लोगों को भोजन, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए एकजुटता को व्यावहारिक समर्थन में बदलने की जरूरत पर बल दिया।

अंत में, संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता ने क्षेत्रीय कूटनीति, शांति प्रयासों और मानवीय व विकास सहयोग में सऊदी भागीदारी का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इन साझेदारियों के जरिए तनाव में कमी, संवाद, शांति और विकास के ठोस परिणाम हासिल होंगे।

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