क़सीम विश्वविद्यालय ने 'समर ऑफ इनोवेशन 2026' कार्यक्रम शुरू किया
क़सीम विश्वविद्यालय ने 'समर ऑफ इनोवेशन 2026' कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसमें 500 से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं। यह तीन सप्ताह तक चलेगा और तकनीक व उद्यमिता कौशल को बढ़ावा देगा।
मुख्य बिंदु
AIक़सीम विश्वविद्यालय ने कल 'समर ऑफ इनोवेशन 2026' कार्यक्रम की शुरुआत की। यह कार्यक्रम नवाचार और बौद्धिक संपदा केंद्र द्वारा आयोजित किया गया है और इसमें प्रिंस डॉ. फैसल बिन मिशाल बिन सऊद बिन अब्दुलअज़ीज़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चेयर और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज चेयर का सहयोग है। कार्यक्रम का आयोजन ब्रैदा स्थित मुख्य विश्वविद्यालय परिसर में हो रहा है और यह तीन सप्ताह तक चलेगा।
इस कार्यक्रम में 500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है, जिनमें विश्वविद्यालय के छात्र, हाल ही में स्नातक हुए युवा और तकनीक व नवाचार में रुचि रखने वाले लोग शामिल हैं। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को नवाचार, उद्यमिता और भविष्य की तकनीकों में व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है, साथ ही उन्हें ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में योगदान के लिए तैयार करना भी है।
छह विशेषज्ञता वाले ट्रैक
कार्यक्रम छह विशेषज्ञता वाले ट्रैकों के माध्यम से एक समग्र प्रशिक्षण अनुभव उपलब्ध कराता है, जिनमें शामिल हैं: उद्यमिता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट्स, एआई प्रोग्रामिंग (Vibe Coding), ई-लर्निंग, इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज, और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग व मॉडलिंग। यह कार्यक्रम ज्ञानवर्धक और व्यावहारिक पहलुओं को विशेषज्ञों की देखरेख में जोड़ता है।
नवाचार और विज़न 2030 को समर्थन
आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की नवाचार और उद्यमिता प्रणाली को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है। इसे विश्वविद्यालय के अध्यक्ष का समर्थन प्राप्त है और इसका उद्देश्य रचनात्मकता के लिए प्रेरक माहौल बनाना और राष्ट्रीय प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम पेश करना है, ताकि सऊदी विज़न 2030 के तहत मानव पूंजी विकास और ज्ञान व नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके।
