डॉ. क़त्तान: राष्ट्रीय दिवस मानव और ज्ञान में निवेश का प्रतीक
रियाद स्थित अल-फैसल विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. खालिद मना क़त्तान ने कहा कि राष्ट्रीय दिवस देश की जड़ों में बसी गौरवपूर्ण पहचान और ज्ञान में निवेश को दर्शाता है।
मुख्य बिंदु
AIरियाद स्थित अल-फैसल विश्वविद्यालय के वित्तीय और प्रशासनिक मामलों के उपाध्यक्ष तथा मेडिकल कॉलेज के डीन, डॉ. खालिद मना क़त्तान ने कहा है कि राष्ट्रीय दिवस की याद देश की उस गहरी राष्ट्रीय पहचान को दर्शाती है, जो सम्मान और गर्व की मूल्यों में रची-बसी है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में हो रही वैज्ञानिक और शोधगत प्रगति की जड़ें उस राष्ट्रीय विरासत में हैं, जिसने ज्ञान, शिक्षा और नवाचार को किंग अब्दुलअज़ीज़ के समय से ही रणनीतिक प्राथमिकता बनाया।
राष्ट्रीय दिवस के मौके पर डॉ. क़त्तान ने कहा, "हम इस गौरवशाली दिवस को 'हमारा गर्व, हमारी फितरत' के नारे के साथ मना रहे हैं। हम सऊदी विज़न और देश के युवाओं की ऊँची महत्वाकांक्षा को साकार होते देख रहे हैं। दूरदर्शी नेतृत्व ने उन्नत शैक्षिक ढांचा और नवाचार के लिए प्रेरक माहौल तैयार किया है, जिससे राष्ट्रीय शैक्षिक संस्थाएँ, खासकर अल-फैसल विश्वविद्यालय, अपनी अकादमिक और शोधगत उपस्थिति को मजबूत कर सकी हैं और चिकित्सा शिक्षा व वैज्ञानिक शोध की गुणवत्ता में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।"
डॉ. क़त्तान ने आगे कहा कि सऊदी अरब में अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा आयोजनों और सम्मेलनों की मेज़बानी, खासकर ग्लोबल हेल्थ फोरम और मेडिकल टेक्नोलॉजी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित कॉन्फ्रेंस, रियाद को स्वास्थ्य नवाचार और ज्ञान-विनिमय का केंद्र बना रही है और भविष्य की स्वास्थ्य देखभाल की दिशा तय कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति सिर्फ वैज्ञानिक आयोजनों की मेज़बानी तक सीमित नहीं है, बल्कि साझेदारियाँ बनाने, अनुभव साझा करने, ज्ञान के हस्तांतरण और स्थानीयकरण, टिकाऊ स्वास्थ्य समाधान विकसित करने और ऐसे शोधों के समर्थन तक फैली है, जो बीमारियों की रोकथाम, बेहतर निदान और इलाज में योगदान देते हैं। इससे सऊदी अरब का स्थानीय और वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में वैज्ञानिक और मानवीय योगदान मजबूत होता है।
डॉ. क़त्तान ने ज़ोर दिया कि चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य नवाचार के क्षेत्रों में जो उपलब्धियाँ मिली हैं, वे मानव और ज्ञान में किए गए निवेश का प्रमाण हैं। इससे शैक्षिक संस्थाओं की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे ऐसे डॉक्टरों और शोधकर्ताओं की नई पीढ़ी तैयार करें, जो इस प्रगति को आगे बढ़ा सकें और विज्ञान व नवाचार आधारित स्वास्थ्य प्रणाली के विकास में योगदान दें।
अपने बयान के अंत में डॉ. क़त्तान ने किंग सलमान, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और समूचे सऊदी जनता को इस खास मौके पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि युवाओं के दिमाग में निवेश और अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति जुनून, देश की वैज्ञानिक और विकास यात्रा की दो मुख्य आधारशिलाएँ बने रहेंगे, जिससे सऊदी अरब की प्रतिष्ठा उसके नागरिकों की मेहनत और लगन से आगे बढ़ती रहेगी।
