मदीना में विचारधारा से जुड़ी विकृतियों पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सऊदी इस्लामी मंत्रालय की भागीदारी
मदीना में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सऊदी इस्लामी मामलों का मंत्रालय विचारधारा से जुड़ी विकृतियों से निपटने के लिए अपने प्रयासों को साझा कर रहा है।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी अरब के इस्लामी मामलों, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय ने मदीना स्थित इस्लामी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'सऊदी अरब के प्रयास: विचारधारा से जुड़ी विकृतियों का सामना' में भाग लिया है। सम्मेलन की शुरुआत कल हुई, जिसमें कई सरकारी और अकादमिक संस्थान भी शामिल हैं।
इस सम्मेलन में 34 देशों के 30 से अधिक मुफ्ती और 54 वक्ता भाग ले रहे हैं। दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में 9 वैज्ञानिक सत्र होंगे, जिनमें देश-विदेश के विद्वान, शोधकर्ता और विशेषज्ञ शामिल हैं।
विचारधारा जागरूकता बढ़ाने में सऊदी अरब की भूमिका
सम्मेलन में विचारधारा से जुड़ी विकृतियों का सामना करने के मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। इसमें सऊदी अरब के अनुभवों और पहलों को साझा किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य विचारधारा की जागरूकता, सुरक्षा और अतिवाद से बचाव को मजबूत करना है।
मंत्रालय सम्मेलन के साथ लगे प्रदर्शनी में भी भाग ले रहा है, जहां उसके स्टॉल पर शरिया जागरूकता, संतुलन और मध्यमता के सिद्धांतों को बढ़ावा देने और देश-विदेश में मंत्रालय की पहलों की जानकारी दी जा रही है।
तकनीकी प्रस्तुति और कुरान वितरण
मंत्रालय के स्टॉल पर किंग फहद कुरान प्रिंटिंग कॉम्प्लेक्स की उपलब्धियों, छपाई, प्रकाशन और अनुवाद की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, स्टॉल पर आने वालों को किंग सलमान की ओर से 300 कुरान की प्रतियाँ भेंट की जा रही हैं।
तकनीकी पहलुओं में 'रुश्द' ऐप की जानकारी दी जा रही है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक कुरान, नमाज के समय, किबला दिशा और बहुभाषी इस्लामी डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएँ हैं। इसके अलावा 'अल-इस्तिशहाद अल-सहीह' ऐप के माध्यम से कुरान और सुन्नत के ग्रंथों की जाँच और खोज की सुविधा, और हज-उमरा की 3D वर्चुअल शिक्षा कई भाषाओं में उपलब्ध कराई जा रही है।
