अनीज़ा में जैविक कृषि सम्मेलन 2026 में 5 वैज्ञानिक सत्र
अनीज़ा में आयोजित जैविक कृषि सम्मेलन 2026 में पाँच वैज्ञानिक सत्रों में टिकाऊ खेती और जैविक तकनीकों पर चर्चा हुई।
मुख्य बिंदु
AIअनीज़ा में 8 से 10 सितंबर तक आयोजित जैविक कृषि सम्मेलन 2026 में पाँच विशेष वैज्ञानिक सत्र हुए, जिनमें कृषि क्षेत्र की स्थिरता के लिए प्रमुख तकनीकों और व्यवहारों पर चर्चा की गई। यह आयोजन पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय की उन पहलों का हिस्सा है, जो सऊदी विज़न 2030 के लक्ष्यों के अनुरूप हैं।
सत्रों में जैविक कृषि की अवधारणा, उसमें परिवर्तन की आवश्यकताएँ और इसे लागू करने की विधियाँ प्रस्तुत की गईं। साथ ही, जैविक खेती में टमाटर की फसल का समग्र प्रबंधन—जैसे बिना मिट्टी के खेती, विकास की अवस्थाएँ और कीट नियंत्रण—पर भी चर्चा हुई।
इन सत्रों में कृषि क्षेत्र में सर्कुलर इकोनॉमी और कचरे को जैविक खाद में बदलने के तरीकों के साथ-साथ जैविक मधुमक्खी पालकों के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विचार-विमर्श हुआ।
इसी क्रम में, एक सत्र में ब्लैकबेरी की खेती की तकनीकों, उसकी आर्थिक और पोषण संबंधी महत्ता पर प्रकाश डाला गया, जिसमें जैविक उत्पादन से जुड़े किसानों और विशेषज्ञों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान भी हुआ।
इन सत्रों ने प्रतिभागियों के ज्ञान को सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं के मेल से समृद्ध किया, जिससे सऊदी अरब में टिकाऊ कृषि व्यवहारों को बढ़ावा मिला।
