रियाद के क़सर अल-हुक्म के दरवाज़े राष्ट्रीय दिवस पर आम लोगों के लिए खुले
रियाद की रॉयल कमीशन और प्रांत प्रशासन 23-26 सितंबर को 'क़सर अल-हुक्म टूर' के तहत ऐतिहासिक महल के दरवाज़े आम लोगों के लिए खोलेंगे।
मुख्य बिंदु
AIरियाद की रॉयल कमीशन और रियाद प्रांत प्रशासन ने राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में 'क़सर अल-हुक्म टूर' कार्यक्रम के तहत 23 से 26 सितंबर तक शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक क़सर अल-हुक्म के दरवाज़े आम लोगों के लिए खोलने का ऐलान किया है।
इस आयोजन के ज़रिए आगंतुकों को रियाद और सऊदी अरब के इतिहास से जुड़े सबसे अहम स्थलों में से एक को करीब से देखने और उस महल को जानने का मौका मिलेगा, जो दो सदियों से अधिक समय तक देश के राजनीतिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक विकास का गवाह रहा है। यह महल लंबे समय तक शासन, प्रशासन और नागरिकों व नेतृत्व के बीच संवाद का केंद्र रहा है।
क़सर अल-हुक्म सऊदी इतिहास की कई अहम घटनाओं से जुड़ा है—चाहे वह इमाम तुर्की बिन अब्दुल्ला का दौर रहा हो या फिर किंग अब्दुलअज़ीज़ बिन अब्दुलरहमान का, जिन्होंने लगभग तीन दशक तक इस महल में निवास किया। यह महल राजधानी रियाद की ऐतिहासिक यात्रा का अहम हिस्सा बना रहा है।
'क़सर अल-हुक्म टूर' में इतिहास, दस्तावेज़ीकरण और जीवंत अनुभवों का संगम देखने को मिलेगा। इसमें 'सलमान और रियाद' नामक प्रदर्शनी भी शामिल है, जिसमें 70 से अधिक दुर्लभ तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। ये तस्वीरें किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ के शासन, प्रशासन और रियाद के विकास में उनके योगदान को दर्शाती हैं, साथ ही शहर की सांस्कृतिक, शहरी और आर्थिक तरक्की की नींव को भी उजागर करती हैं।
यह टूर आगंतुकों को महल के कई हिस्सों और विंग्स में प्रवेश का दुर्लभ मौका देगा, जिसमें किंग सलमान का कार्यालय, रियाद प्रांत के अमीर का कार्यालय, भव्य स्वागत कक्ष, उससे जुड़े दीवान, मुख्य भोजन कक्ष और कई अन्य ऐतिहासिक हॉल शामिल हैं। ये सभी स्थल महल के इतिहास और रियाद के वर्तमान में इसकी भूमिका को दर्शाते हैं।
आगंतुकों के अनुभव को और समृद्ध बनाने के लिए आयोजन में विशेष फोटो स्पॉट्स बनाए गए हैं, जहां वे अपनी यात्रा को यादगार बना सकते हैं। टूर के अंत में स्मृति-चिह्न भी वितरित किए जाएंगे। साथ ही, एक सिग्नेचर वॉल भी होगी, जहां आगंतुक अपने विचार और सऊदी अरब के लिए शुभकामनाएँ लिख सकते हैं—यह नागरिकों और नेतृत्व के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है।
'क़सर अल-हुक्म टूर' रियाद की रॉयल कमीशन और प्रांत प्रशासन की उस पहल का हिस्सा है, जिसका मकसद राजधानी के इतिहास और धरोहर को आम लोगों तक पहुँचाना, ऐतिहासिक स्थलों को जनता के लिए खोलना और राष्ट्रीय विरासत से जुड़ाव को मजबूत करना है।
यह पहल रियाद के ऐतिहासिक सफर और उसके विकास में अहम भूमिका निभाने वाली शख्सियतों की याद को भी ताज़ा करती है।
