नया कार्यान्वयन नियम: लेनदार और देनदार दोनों के अधिकार सुरक्षित
कानूनी सलाहकार डॉ. रायद अल-सकीह ने कार्यान्वयन नियमों की सराहना की और बताया कि ये कैसे लेनदार और देनदार दोनों के अधिकारों की रक्षा करते हैं।
मुख्य बिंदु
AIकानूनी सलाहकार डॉ. रायद अल-सकीह ने कार्यान्वयन नियमों की सराहना की और बताया कि इनमें क्या प्रमुख बातें शामिल हैं और इनका लाभार्थियों पर क्या असर पड़ेगा।
उन्होंने 'सऊदी' चैनल पर प्रसारित एक साक्षात्कार में कहा कि हम कार्यान्वयन प्रक्रियाओं में बड़ी तेजी देख रहे हैं, जिसमें लेनदार और देनदार दोनों के अधिकारों की रक्षा की जा रही है। नए नियम में व्यक्ति के बजाय उसकी संपत्ति और संपत्ति के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसका उद्देश्य देनदार की संपत्ति का पता लगाना और उस पर कार्रवाई करना है।
डॉ. सकीह ने आगे बताया कि अगर कोई फैसला, आदेश या कार्यान्वयन योग्य दस्तावेज जारी होता है, तो मामला कार्यान्वयन अदालत में जाता है और पांच दिनों के भीतर संबंधित व्यक्ति को अपनी संपत्तियों की जानकारी देनी होती है। यह नियम न केवल देश के भीतर बल्कि विदेशों में मौजूद संपत्तियों और दूसरों के पास मौजूद देनदार की संपत्तियों या ऋणों पर भी लागू होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह नियम व्यक्ति से जुड़ी सभी संपत्तियों को शामिल करता है, चाहे वे उसकी सीधी पहुंच में हों या न हों। उदाहरण के लिए, अगर किसी के पास विदेश में संपत्ति है, तो उसे भी इस अवधि में घोषित करना जरूरी है।
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