मस्जिद-ए-हरम के प्रमुख मोअज्जिन शेख इब्राहीम आदिल मदनी का निधन
मस्जिद-ए-हरम के वरिष्ठ मोअज्जिन शेख इब्राहीम आदिल मदनी का 51 वर्ष की उम्र में सोमवार को निधन हो गया।
मुख्य बिंदु
AIमस्जिद-ए-हरम के प्रमुख मोअज्जिन और मक्के की माइक टीम के सदस्य शेख इब्राहीम बिन आदिल मदनी का सोमवार को 51 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने लंबे समय तक अज़ान और तकबीर की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया।
शेख मदनी मस्जिद-ए-हरम के 24 मुख्य मोअज्जिनों में शामिल थे। यहां हर दिन छह मोअज्जिन पांचों नमाज़ों और पहली फज्र की अज़ान के लिए बारी-बारी से सेवा देते हैं। शेख मदनी खासतौर पर फज्र की अज़ान और इमाम के पीछे तकबीर पढ़ने के लिए प्रसिद्ध थे।
पहली अज़ान की यादें और खास स्थान
शेख इब्राहीम मदनी ने एक पॉडकास्ट में माइक टीम के अनुभव साझा करते हुए अपनी पहली अज़ान की यादें ताज़ा की थीं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पहली बार मस्जिद-ए-हरम में अज़ान दी और काबा के चारों ओर तवाफ कर रहे लोगों को अपनी आवाज़ सुनते देखा, तो वे भावुक होकर रो पड़े थे। उन्होंने विनम्रता से कहा, "मैं कौन हूं, जो इस पाक जगह पर मेरी आवाज़ गूंजे?"
इसी बातचीत में शेख मदनी ने मक्की और मदीनी अज़ान की शैली में अंतर भी बताया और दोनों की विशिष्टता पर प्रकाश डाला।
