रियाद में 2027 वैश्विक जल मंच की मेज़बानी को लेकर सऊदी अरब की तैयारियाँ
सऊदी अरब ने 2027 में रियाद में होने वाले वैश्विक जल मंच को अंतरराष्ट्रीय सहयोग और जल सुरक्षा के लिए अहम बताया है।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी अरब ने कहा है कि 2027 में रियाद में ग्यारहवें वैश्विक जल मंच की मेज़बानी अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मज़बूत करने और जल सुरक्षा व उसकी स्थिरता के लिए व्यावहारिक समाधान तलाशने की दिशा में एक अहम पड़ाव होगी।
यह बात सऊदी पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय में जल मामलों के उपमंत्री डॉ. अब्दुलअज़ीज़ अल-शैबानी ने इटली की राजधानी रोम में आयोजित यूरो-मेडिटेरेनियन जल मंच के दौरान एक संवाद सत्र में कही। इस कार्यक्रम में कई देशों के मंत्री, अधिकारी और जल क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हुए।
डॉ. शैबानी ने बताया कि सऊदी अरब 21 से 25 मार्च 2027 के बीच "बेहतर कल के लिए काम" थीम के तहत इस मंच की मेज़बानी करेगा। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को बढ़ावा देना, व्यावहारिक समाधान अपनाना और वैश्विक प्रतिबद्धताओं को ऐसे कार्यक्रमों से जोड़ना है, जिनके असर को मापा और ट्रैक किया जा सके।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जल सम्मेलन 2026 के नतीजों पर आगे बढ़ने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, ताकि रियाद मंच तक अंतरराष्ट्रीय सहयोग की गति बनी रहे और सरकारों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, निजी क्षेत्र, वैज्ञानिक समुदाय और नागरिक समाज के बीच समन्वय बढ़े।
सऊदी अरब में जल क्षेत्र के बदलाव
उपमंत्री ने बताया कि सऊदी विज़न 2030 और राष्ट्रीय जल रणनीति के तहत जल क्षेत्र में आपूर्ति, डीसैलिनेशन, परिवहन, भंडारण, पुनः उपयोग, शासन और निजी क्षेत्र की भागीदारी जैसे क्षेत्रों में अहम प्रगति हुई है।
मंच के विषय और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी
डॉ. शैबानी ने बताया कि रियाद मंच में छह मुख्य विषयों और 30 से अधिक मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनमें जल सुरक्षा, जल वित्त, मानव और प्रकृति के लिए जल, जल शासन और कूटनीति, नवाचार और जल का मूल्य शामिल हैं। इसमें 150 से अधिक देशों के 20,000 से ज़्यादा प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि मंच की तैयारी में सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि विभिन्न क्षेत्रों और देशों की ज़रूरतें सामने आ सकें। इसमें युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों, निजी क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और जल बेसिन संगठनों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
अपने संबोधन के अंत में डॉ. शैबानी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मंच की तैयारी में सक्रिय योगदान देने, नई पहलें, अनुभव और साझेदारियाँ साझा करने की अपील की, ताकि व्यावहारिक और टिकाऊ परिणाम हासिल किए जा सकें। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मंच जल के सुरक्षित और स्थायी भविष्य के लिए वैश्विक सहयोग का मंच बनेगा।
गौरतलब है कि सऊदी अरब की यह भागीदारी अंतरराष्ट्रीय जल सहयोग और कूटनीति को बढ़ावा देने के साथ-साथ रियाद में होने वाले ग्यारहवें वैश्विक जल मंच की मेज़बानी को लेकर जागरूकता फैलाने के प्रयासों का हिस्सा है। यह मंच पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय तथा विश्व जल परिषद के सहयोग से आयोजित होगा।
