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सऊदी अरब

मस्जिद-ए-हरम के इमाम: हरम शरीफ की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं

मस्जिद-ए-हरम के इमाम अब्दुलरहमान अल-सुदैस ने सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दुरुपयोग की चेतावनी दी और ईमानदारी व सच्चाई के मूल्यों पर जोर दिया।

अजेल हिंदी37 मिनट पहले · 3 मिनट का पठन
मस्जिद-ए-हरम के इमाम अल-सुदैस का खुतबा

मुख्य बिंदु

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मस्जिद-ए-हरम के इमाम और खतीब, शेख डॉ. अब्दुलरहमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-सुदैस ने मुसलमानों को अल्लाह से डरने और सोशल मीडिया व आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल में शरीयत व नैतिकता के नियमों का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने अफवाहें फैलाने, भ्रामक खबरें देने, दूसरों की निजता भंग करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए धोखाधड़ी व जालसाजी के खतरों से आगाह किया।

शुक्रवार की नमाज के दौरान मस्जिद-ए-हरम में दी गई खुतबे में शेख सुदैस ने कहा कि इस्लाम एक संपूर्ण जीवन व्यवस्था है, जो अपने सिद्धांतों से अच्छे आचरण और व्यवहार की ओर मार्गदर्शन करता है। उन्होंने तकनीकी प्रगति और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कहा कि ये साधन अल्लाह की नेमत हैं, जिनका सही इस्तेमाल और अल्लाह की निगरानी का एहसास जरूरी है।

उन्होंने कहा कि इन साधनों का गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल सामाजिक रिश्तों को नुकसान पहुंचाता है, अफवाहें और झूठी बातें फैलाता है, और लोगों की इज्जत व संपत्ति पर हमला करता है। उन्होंने फर्जी प्लेटफॉर्म्स और नकली वेबसाइट्स से सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि डिजिटल मंचों पर कही या लिखी हर बात के लिए इंसान जवाबदेह है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल धोखाधड़ी से सावधान

शेख सुदैस ने आगाह किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर एप्लिकेशंस के जरिए जालसाजी, वीडियो क्लिप्स की फर्जी मिक्सिंग, आवाज की नकल, पहचान की चोरी और झूठे बयान व तस्वीरें गढ़ना शरई तौर पर हराम है और ये लोगों के अधिकारों का उल्लंघन व बुराई फैलाने में मददगार है।

उन्होंने कहा कि तकनीकों के दुरुपयोग से व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर कई बुराइयाँ पैदा होती हैं — जैसे निजता का उल्लंघन, धोखाधड़ी, अफवाहें फैलाना, भरोसा डगमगाना और सामाजिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना।

सत्यापन और राष्ट्रीय एकता की अपील

शेख सुदैस ने खबरों, तस्वीरों और वीडियो की सत्यता की जांच के बिना उन्हें साझा करने से मना किया और कहा कि ऐसा करना शरीयत के आदेशों के खिलाफ है। उन्होंने बिना पुष्टि के खबरें फैलाने या फर्जी क्लिप्स शेयर करने के दुष्परिणामों की ओर ध्यान दिलाया।

दूसरे खुतबे में उन्होंने कहा कि इस्लाम एकता और भाईचारे का संदेश देता है और फूट डालने से मना करता है। उन्होंने सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों — जैसे ब्लैकमेलिंग, बदनामी, अफवाहें और झूठ फैलाने — के खिलाफ चेताया और समाज में फूट डालने की कोशिशों का विरोध करने, तकनीक का इस्तेमाल धर्म, देश और जागरूकता के लिए करने की अपील की।

आतंकी हमलों की निंदा और देश की सलामती की दुआ

शेख सुदैस ने मक्का और मदीना में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि हरम शरीफ की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने दुआ की कि अल्लाह सऊदी अरब को हर बुराई से बचाए, देश में अमन, स्थिरता और खुशहाली बनाए रखे, नेतृत्व को सफलता दे, सुरक्षा बलों की हिफाजत करे और मुसलमानों की एकता कायम रखे।

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