सऊदी युवाओं ने कार मरम्मत को बनाया पेशा और निवेश का जरिया
सऊदी अरब में कार मरम्मत क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है, जिसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों और निवेश के अवसरों का समर्थन मिला है।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी अरब में कार मरम्मत क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब यहां राष्ट्रीय प्रतिभाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। कई सऊदी युवाओं ने मोटर गाड़ियों के प्रति अपने जुनून को पेशेवर करियर और निवेश के मौके में बदल दिया है। उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सरकारी पहलों और तकनीकी-व्यावसायिक शिक्षा से मदद मिल रही है, जो सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों के अनुरूप है।
सार्वजनिक तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्था मैकेनिकल टेक्नोलॉजी जैसे विषयों में, जैसे कार मैकेनिक्स और इलेक्ट्रिकल्स, दो स्तरों—माध्यमिक डिप्लोमा और इंटरमीडिएट डिप्लोमा—पर देशभर के तकनीकी कॉलेजों में कोर्स कराती है। वर्ष 1447 हिजरी के प्रशिक्षण सत्र में इन क्षेत्रों में 12,000 से अधिक प्रशिक्षु थे, जबकि इसी अवधि में 2,000 से अधिक छात्र स्नातक हुए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को वित्तीय इनाम और प्रोत्साहन भी दिए जाते हैं।
मैदान में प्रेरणादायक सऊदी उदाहरण
इंजीनियर मोहम्मद अब्दुल्ला ने बताया कि उनका कारों के प्रति लगाव बचपन से है। बाद में उन्होंने ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में पढ़ाई की और दस साल से ज्यादा का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में राष्ट्रीय प्रतिभाओं की संख्या बढ़ रही है और सऊदी युवा तकनीकी जानकारी और आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल के जरिए पेशेवर सेवाएं देकर प्रतिस्पर्धा में आगे हैं।
वहीं, तकनीशियन नासिर अल-नासिर ने बताया कि उन्होंने शुरुआत घर से—परिवार और दोस्तों की कारें सुधारकर की। फिर वे विशेषज्ञ कंपनियों में काम करने लगे और आखिरकार अपनी खुद की वर्कशॉप खोल ली। उन्होंने बताया कि योग्य तकनीशियनों की बढ़ती मांग और छोटे-मध्यम व्यवसायों को मिलने वाले समर्थन ने युवाओं को इस क्षेत्र में आने के लिए प्रोत्साहित किया है। एक विशेषज्ञ तकनीशियन की औसत मासिक आय 10,000 से 15,000 सऊदी रियाल के बीच है, जबकि वर्कशॉप मालिकों और विशेषज्ञों के लिए यह और भी अधिक हो सकती है।
इसी तरह, इंजीनियर मोहम्मद अल-जहरानी ने बताया कि उनका इस पेशे के प्रति लगाव स्कूल के दिनों से है। उन्होंने अपने पिता के अनुभव और विशेषज्ञ पढ़ाई का लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने तकनीकी जानकारी और सीखने की प्रक्रिया को आसान बनाया है। आज की कारों की मरम्मत के लिए इलेक्ट्रॉनिक डायग्नोसिस और मानक तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है, साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और सॉफ्टवेयर के विकास के साथ कदम मिलाना भी जरूरी है।
आधुनिक तकनीक के साथ प्रशिक्षण का विकास
रियाद के रॉयल इंडस्ट्रियल सेकेंडरी इंस्टिट्यूट में ऑटोमोबाइल मैकेनिक्स विभाग के प्रशिक्षक इंजीनियर मंसूर मोहम्मद अल-थुबैती ने बताया कि कार मरम्मत पेशे में बड़ा बदलाव आया है। अब इसमें इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और स्मार्ट कंट्रोल यूनिट्स शामिल हो गई हैं, जिससे तकनीशियनों को इलेक्ट्रॉनिक डायग्नोसिस और आधुनिक जांच उपकरणों का इस्तेमाल सीखना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अद्यतन और इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड कारों से जुड़ी विशेषज्ञ संस्थाओं के साथ साझेदारी, भविष्य की तकनीकों के लिए राष्ट्रीय प्रतिभाओं को तैयार करने में मदद कर रही है।
अल-थुबैती ने बताया कि कार मरम्मत क्षेत्र लगातार विकसित हो रहा है, खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों और स्मार्ट ड्राइविंग सिस्टम के बढ़ते चलन के साथ। इससे व्यावहारिक प्रशिक्षण और समस्या सुलझाने की क्षमता पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि योग्य राष्ट्रीय प्रतिभाओं में निवेश, इस क्षेत्र के भविष्य को मजबूत करने की बुनियाद है।
इस क्षेत्र में सफल सऊदी उदाहरण यह दिखाते हैं कि जुनून, प्रशिक्षण और निरंतर कौशल विकास के साथ शौक को पेशेवर करियर और स्थायी आय के स्रोत में बदला जा सकता है। यह बदलाव सऊदी अरब में पेशेवर और तकनीकी क्षेत्रों में युवाओं के सशक्तिकरण और राष्ट्रीय प्रतिभाओं की मौजूदगी को बढ़ाने की दिशा में हो रहे परिवर्तन को दर्शाता है।
