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सऊदी अरब

सऊदी अरब में जल दक्षता नियम 21 मार्च 2027 से लागू होंगे

सऊदी अरब में जल दक्षता और बचत के लिए नई कार्यकारी नियमावली 21 मार्च 2027 से लागू होगी, जिससे शहरी, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में जल उपयोग की निगरानी और नियंत्रण को मजबूती मिलेगी।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 2 मिनट का पठन
सऊदी अरब में जल दक्षता नियमावली की घोषणा

मुख्य बिंदु

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सऊदी अरब में जल दक्षता और बचत के लिए अद्यतन कार्यकारी नियमावली 21 मार्च 2027 से लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य शहरी, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में जल उपयोग के मानकों की निगरानी और अनुपालन को व्यवस्थित करना है।

राष्ट्रीय जल दक्षता और बचत केंद्र 'माई' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, इंजीनियर फहाद बिन होवैजी दोसरी ने बताया कि यह नियमावली जल उपयोग की दक्षता बढ़ाने, उपभोग कम करने और निगरानी व अनुपालन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे देश में जल संसाधनों की स्थिरता सुनिश्चित होगी।

दोसरी ने स्पष्ट किया कि यह नियमावली जल दक्षता और बचत के मानकों की निगरानी और अनुपालन के लिए स्पष्ट ढांचा प्रस्तुत करती है। इसमें जिम्मेदारियों, निगरानी और रिपोर्टिंग की प्रक्रियाएँ तय की गई हैं, जिससे केंद्र की निगरानी भूमिका और संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय को मजबूती मिलेगी।

दोसरी ने कहा, "जल उपयोग की दक्षता केवल मानक तय करने से नहीं बढ़ती, बल्कि इसके लिए एक स्पष्ट प्रणाली चाहिए जो अनुपालन सुनिश्चित करे और उसके क्रियान्वयन की निगरानी करे। यह नियमावली भूमिकाओं और प्रक्रियाओं को व्यवस्थित कर, निगरानी को सक्रिय बनाती है, जिससे जल की बर्बादी कम करने और सभी लक्षित क्षेत्रों में दक्षता व बचत के प्रयासों का प्रभाव बढ़ाने में मदद मिलेगी।"

नियमावली के प्रावधानों में शहरी, कृषि और औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं, साथ ही जल दक्षता और बचत सेवाएँ देने वाले प्रदाता भी। इससे पूरे देश में जल उपयोग की दक्षता और उसकी स्थिरता से जुड़े नियंत्रण और अनुपालन की प्रक्रियाओं का एकीकरण होगा।

यह नियमावली 15 धाराओं में विभाजित है, जिनमें अनुपालन के मानक, लागू क्षेत्र, केंद्र और अन्य संबंधित संस्थाओं की भूमिकाएँ और जिम्मेदारियाँ, उल्लंघनों, निगरानी, रिपोर्टिंग और अंतिम प्रावधानों का उल्लेख है।

दोसरी ने बताया कि अगले चरण में नियमावली के दायरे में आने वाली श्रेणियों की तैयारी को और मजबूत किया जाएगा, ताकि वे इसके प्रावधानों का पालन कर सकें और केंद्र व संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय बेहतर हो सके। इसका उद्देश्य जल उपयोग की दक्षता और बचत के लिए अधिक प्रभावी प्रणाली स्थापित करना है।

गौरतलब है कि पर्यावरण, जल और कृषि मंत्री ने 19/02/1448 हिजरी को जल दक्षता और बचत के मानकों की निगरानी व अनुपालन के लिए अद्यतन कार्यकारी नियमावली को मंजूरी दी थी। इसके प्रावधान शहरी, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में जल दक्षता और बचत के अनुपालन की निगरानी के लिए सभी सार्वजनिक, निजी और गैर-लाभकारी संस्थाओं पर लागू होंगे।


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