सऊदी उमरा कार्यक्रम के मेहमानों ने हौथी हमलों की निंदा की
खादिम-ए-हरमैन उमरा व ज़ियारत कार्यक्रम के मेहमानों ने हौथी मिलिशिया के हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि सऊदी व हरम शरीफों की सुरक्षा पर हमला इस्लाम और मुसलमानों पर सीधा हमला है।
मुख्य बिंदु
AIखादिम-ए-हरमैन उमरा व ज़ियारत कार्यक्रम 1448 हिजरी की चौथी खेप के कई मेहमानों ने, जिसे इस्लामी मामलों, दावत और मार्गदर्शन मंत्रालय संचालित करता है, हौथी मिलिशिया द्वारा किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा और स्थिरता को निशाना बनाना, हरम शरीफों और उनके जियारत करने वालों की सलामती को खतरे में डालना, इस्लामी पवित्र स्थलों पर सीधा हमला है और यह इस्लाम की उन शिक्षाओं के खिलाफ है, जो जान-माल की हिफाजत, अमन और खून-खराबे से बचाव पर आधारित हैं।

उन्होंने हर उस आपराधिक कार्रवाई को पूरी तरह खारिज किया, जो आम नागरिकों को निशाना बनाए या सऊदी अरब की सुरक्षा और स्थिरता को खतरे में डाले। साथ ही कहा कि सऊदी की सुरक्षा पूरी दुनिया के मुसलमानों की सुरक्षा से जुड़ी है और हरम शरीफों की सेवा और जियारत करने वालों की देखभाल के लिए सऊदी के प्रयासों की मुस्लिम समुदाय में सराहना और गर्व किया जाता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सऊदी अरब को निशाना बनाने वाले हौथी आतंकवादी हमले और हरम शरीफों व उनके जियारत करने वालों की सलामती को खतरे में डालने वाली हर कार्रवाई की निंदा की जाती है। साथ ही कहा कि सऊदी की सुरक्षा पूरे इस्लामी जगत की सुरक्षा और स्थिरता की बुनियाद है।

