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सऊदी अरब

मركز وقاء ने 'तरा हा असह' अभियान शुरू किया

मركز وقاء ने पौधों की कीट प्रबंधन के लिए 'तरा हा असह' अभियान शुरू किया, जिसका मकसद किसानों में जागरूकता बढ़ाना और कृषि क्षेत्र की स्थिरता को समर्थन देना है।

अजेल हिंदी45 मिनट पहले · 2 मिनट का पठन
मركز وقاء का पौध कीट जागरूकता अभियान पोस्टर

मुख्य बिंदु

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राष्ट्रीय पौध कीट और पशु रोग रोकथाम केंद्र (विक़ा) ने 'तरा हा असह' नाम से एक जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य किसानों और समाज में पौधों कीट प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कीटों से निपटने के लिए बेहतर कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।

अभियान का मकसद फसलों की सुरक्षा, उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार और कृषि क्षेत्र की स्थिरता को समर्थन देना है। साथ ही, यह गलत कृषि व्यवहारों को कम करने के लिए किसानों, क्षेत्र के कर्मचारियों, साझेदारों, संबंधित संस्थाओं और आम जनता को जागरूक करने पर केंद्रित है।

अभियान ने जागरूकता संदेशों के जरिए कीट प्रबंधन के महत्व को रेखांकित किया है, जिसमें शुरुआती निगरानी, संक्रमण के संकेतों की पहचान, सही निदान, तकनीकी सलाह लेना और फसल व कीट की स्थिति के अनुसार उचित कदम चुनना शामिल है।

विविध जागरूकता और मैदानी गतिविधियाँ

अभियान के तहत दृश्य और श्रव्य सामग्री, डिजिटल और पत्रकारिता कंटेंट, सरल संदेश और मैदानी गतिविधियाँ शामिल हैं, जिनका मकसद किसानों और खेतों में काम करने वालों तक जानकारी पहुँचाना और कीट प्रबंधन की व्यावहारिक समझ को मजबूत करना है।

इसी क्रम में, अभियान ने यह भी स्पष्ट किया कि कीटों से निपटना केवल रासायनिक उपायों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इसमें दृश्य जांच, नियमित निगरानी, कीट की पहचान, सही समय पर बुवाई और पौधों की सतत निगरानी जैसी प्रक्रियाएँ भी शामिल हैं।

मركز وقاء ने अभियान के जरिए यह संदेश दिया है कि खेत में लिया गया हर फैसला सीधे फसल और खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करता है। सही निर्णय सटीक जानकारी, जांच और सलाह से शुरू होता है, फिर सबसे उपयुक्त कदम चुना जाता है। इसमें टिकाऊ कीट प्रबंधन को अपनाने पर जोर है, जिसमें कृषि, जैविक और यांत्रिक तरीकों का संयोजन होता है ताकि कीटों की संख्या आर्थिक नुकसान की सीमा में रहे और रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम हो, जिससे मानव और पर्यावरण की सुरक्षा बनी रहे।

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