किंग सलमान रॉयल रिजर्व डेवलपमेंट अथॉरिटी ने वॉर्ड रेंजर्स डे मनाया
किंग सलमान रॉयल रिजर्व डेवलपमेंट अथॉरिटी ने वॉर्ड रेंजर्स डे मनाकर प्रकृति और जैव विविधता की सुरक्षा में रेंजर्स के योगदान को सराहा।
मुख्य बिंदु
AIकिंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ रॉयल रिजर्व डेवलपमेंट अथॉरिटी ने हर साल 31 जुलाई को मनाए जाने वाले वॉर्ड रेंजर्स डे को सक्रिय रूप से मनाया। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय फील्ड स्टाफ को सशक्त बनाना और रिजर्व क्षेत्र में प्रकृति व जैव विविधता की सुरक्षा के प्रयासों को बढ़ावा देना है।
अथॉरिटी ने अपनी मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए रेंजर्स की उन अहम भूमिकाओं को उजागर किया, जिनमें वे पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा करते हैं। रेंजर्स दूरदराज़ और दुर्गम इलाकों में चौबीसों घंटे ड्यूटी निभाते हैं और वे रिजर्व की संपदा तथा वन्य और वनस्पति जीवन के पहले रक्षक माने जाते हैं।
अथॉरिटी के बयान में बताया गया कि रेंजर्स वन्य जीवन की निगरानी, फील्ड गतिविधियों की देखरेख, निगरानी गश्त और पर्यावरणीय जागरूकता व विकास अभियानों में भागीदारी जैसी अहम जिम्मेदारियाँ निभाते हैं, जिससे पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
अथॉरिटी ने यह भी जोड़ा कि रेंजर्स का काम पर्यावरणीय अनुसंधान, सर्वेक्षण और आंकड़ों के संकलन में भी मदद करता है, जिससे रिजर्व और उसके आसपास के पारिस्थितिक तंत्र की स्थिति का आकलन किया जा सकता है। संस्था ने कहा कि यह अवसर रेंजर्स के पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा में योगदान को उजागर करने का है।
